Bihar: स्कूल जा रहे छात्र की करंट लगने से मौत, टूटे बिजली के तार बने हादसे की वजह, परिजनों में मचा कोहराम
Bihar: स्थानीय लोगों का आरोप है कि सोमवार रात ही टूटे तार की जानकारी बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। कॉल करने के बावजूद विभाग ने खतरे को नजरअंदाज कर दिया, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव में मंगलवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे में 10 वर्षीय स्कूली छात्र की मौत हो गई। मोहम्मद फैसल का पुत्र मोहम्मद आसिफ रजा रोज़ की तरह पैदल स्कूल जा रहा था, इसी दौरान रास्ते में पहले से टूटकर गिरे बिजली के तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सोमवार की रात बारिश के कारण बिजली का तार टूटकर सड़क पर गिर गया था। बारिश और जलजमाव के चलते तार पानी में पूरी तरह छिपा हुआ था, जिससे आसिफ को उसका अंदाज़ा नहीं लग पाया और वह करंट की चपेट में आ गया।
परिजन उसे फौरन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजन बेसुध हैं। घटना की जानकारी मिलते ही फुलवारीशरीफ थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पढ़ें: बिक्रम में 9.64 करोड़ की लागत से ट्रॉमा सेंटर भवन का शिलान्यास, स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहल
बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सोमवार रात ही टूटे तार की जानकारी बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। कॉल करने के बावजूद विभाग ने खतरे को नजरअंदाज़ कर दिया, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते तार को हटाया गया होता, तो मासूम की जान बचाई जा सकती थी। बताया जा रहा है कि यह इलाका खगौल विद्युत सब-स्टेशन के अधीन आता है। घटना के बाद से बिजली विभाग के एसडीओ और कनिष्ठ अभियंता पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।
स्थानीय लोग मुआवजे और कार्रवाई की कर रहे हैं मांग
गांव के लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दर्दनाक हादसे ने सरकारी तंत्र की लापरवाही को फिर उजागर कर दिया है।