अगर आपका जन्म मीन राशि अथवा कुंभ राशि में हुआ है तो संभव है कि आपका जन्मनक्षत्र पूर्वाभद्रपद हो। इसका कारण यह है कि इस नक्षत्र के प्रथम तीन चरण कुंभ राशि में और अंतिम एक चरण मीन राशि में होता है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार आकशमंडल में इस नक्षत्र का स्थान 25वां है। जिन लोगों का जन्म इस नक्षत्र में होता है वह बड़े ही साहसी और बुद्घिमान होते हैं।
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के व्यक्ति के गुण
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों से घबराते नहीं है बल्कि साहस और आत्मविश्वास से परिस्थितियों का हल निकालने में सफल होते हैं। ऐसे लोग मिलनसार और परोपकारी होते हैं। माना जाता है कि जिनका जन्म इस नक्षत्र के दूसरे चरण में होता है वह विद्वान होते हैं और धार्मिक अथवा अध्ययन अध्ययापन से जुड़े होते हैं।
इस नक्षत्र में जन्मे लोगों के विषय में माना जाता है कि यह धन से अधिक ज्ञान को महत्व देते हैं। पूर्वभाद्रपद नक्षत्र के विषय में कहा जाता है कि इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति नौकरी करें अथवार व्यवसाय में दोनों में ही भाग्य इनका पूरा साथ देता है।
पूर्वाभाद्रपद के स्त्री पुरूष
आमतौर पर इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले पुरूषों का कद मध्यम होता है। इनके होंठ भरे हुए और गाल चौड़े होते हैं। महिलाएं भी मध्यम कद की होती हैं। महिलाओं को निम्न रक्तचाप एवं यकृत संबंधी रोग की आशंका रहती है। इनका वैवाहिक जीवन सुखमय होता है लेकिन माता के साथ तालमेल एवं इनके सुख में कमी का सामना करना पड़ता है।
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र शिक्षा एवं रुचि
विज्ञान, ज्योतिष, तकनीक, शोध एवं शिक्षण में इनकी रुचि होती है। यह स्वयं ईमानदार होते हैं और दूसरों से भी ईमानदारी की अपेक्षा रखते हैं।