आपने कई बार लोगों से सुना होगा कि सब भाग्य का खेल है। ज्योतिषशास्त्र भी यही कहता है कि सब-कुछ भाग्य पर निर्भर करता है। व्यक्ति का भाग्य जब साथ देता है तो मुश्किल काम भी आसानी से पूरा हो जाता है। अचानक धन का लाभ होता रहता है। हर तरफ से खुशियों की खबरें आती हैं। लेकिन भाग्य सभी पर मेहरबान नहीं होता। इस समस्या का हल ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है। आप चाहें तो आप भी इसे आजमा सकते हैं।
भाग्य मजबूत बनाने वाले ग्रह भाग्य को मजबूत बनाने के लिए आपको अपनी कुण्डली का नवमा घर देखना चाहिए। इस घर में जो राशि होती है उस राशि के स्वामी को भाग्य का मालिक माना जाता है जैसे वृश्चिक लग्न की कुण्डली में नवम घर में कर्क राशि होगी। इस राशि का स्वामी चन्द्रमा है। चन्द्रमा अगर मजबूत और शुभ होगा तो ऐसे व्यक्ति को हमेशा भाग्य का सहयोग मिलता रहेगा। इसी प्रकार जिनकी कुण्डली में जो राशि नवम भाव में हो उस राशि के स्वामी ग्रह को मजबूत बनाएं तो भाग्य साथ देने लगेगा।
ऐसे होगा भाग्य मेहरबान ज्योतिषशास्त्र में भाग्य को बलवान बनाकर लाभ पाने के कई उपाय बताए गये हैं। एक सरल उपाय यह है कि भाग्य के स्वामी ग्रह के मंत्र का नियमित जप करें। जिनके लिए नियमित मंत्र जप करना कठिन हो उनके लिए रत्न धारने करने का उपाय बताया गया है।
भाग्य रत्न मेष और वृश्चिक राशि -मूंगा वृष और तुला राशि -हीरा मिथुन और कन्या राशि -पन्ना कर्क -मोती सिंह -माणिक्य धनु और मीन -पुखराज मकर और कुंभ -नीलम
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