'राहुल के बाद मुझे बदनाम कर रही भाजपा': दिशा सालियान केस की सीबीआई जांच पर आदित्य बोले- मैं जवाब क्यों दूं?
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान की मौत के मामले में सीबीआई को प्राथमिकी दर्ज करने के मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देश पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर पिछले छह वर्षों से उनके खिलाफ बदनामी का अभियान चलाने का आरोप लगाया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिशा सालियान मौत मामले में मुंबई उच्च न्यायालय ने गुरुवार को सीबीआई को प्राथमिकी दर्ज कर गहन जांच करने का निर्देश दिया है। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने इस फैसले का स्वागत करते हुए दावा किया कि सालियान की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला हो सकता है और जांच में साक्ष्य नष्ट करने तथा सत्ता के दुरुपयोग जैसे आरोपों की भी पड़ताल होनी चाहिए। दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने मामले से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया और भारतीय जनता पार्टी पर पिछले छह वर्षों से उन्हें बदनाम करने का अभियान चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब उनका मामले से कोई संबंध नहीं है, तो उन्हें इस पर जवाब देने की जरूरत नहीं है।
'राहुल गांधी को 'पप्पू' बनाने की कोशिश'
नासिक में पत्रकारों से बात करते हुए ठाकरे ने कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने इस कदम को सत्ताधारी दल द्वारा राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने का प्रयास बताया। ठाकरे ने कहा कि यह ऐसा कुछ है जिससे मेरा कोई संबंध नहीं है और मैंने इसके बारे में सोचा भी नहीं है। मुझे इस पर जवाब क्यों देना चाहिए? उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी हर किसी को बदनाम करने की कोशिश करती है। उन्होंने वर्षों से राहुल गांधी को 'पप्पू' बनाने की कोशिश की है। इतना ही नहीं भाजपा ने मुझे भी पिछले छह साल से मुझे बदनाम करने की कोशिश की है।
व्यवस्थित तरीके लोगों को निशाना बनाती है भाजपा
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी व्यवस्थित तरीके से उन लोगों को निशाना बनाती है जो उसके अधिकार को चुनौती देते हैं। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि जब किसी व्यक्ति का किसी मामले से कोई लेना-देना नहीं होता, तो उस पर बात करने या उसे कोई महत्व देने की जरूरत नहीं होती। बता दें कि ठाकरे का यह बयान महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के आज दिए गए बयान के बाद आया है। अपने बयान में राणे ने कहा था कि यदि दिशा सालियान की मौत के मामले से जुड़े आदित्य ठाकरे और अन्य नामित व्यक्तियों का इस मामले से कोई संबंध नहीं है, तो उन्हें आगे आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
'सालियान की मौत को आत्महत्या नहीं माना जाना चाहिए'
यह बयान मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को जांच के निर्देश दिए जाने के बाद आया। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे शुरू से ही यह कहते रहे हैं कि सालियान की मौत को आत्महत्या नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि सीबीआई की जांच से मामले से जुड़े तथ्य सामने आएंगे। राणे ने आगे कहा, 'हम पहले दिन से ही स्पष्ट थे कि यह आत्महत्या नहीं था, यह हत्या का मामला था और अब इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। अब सीबीआई की जांच शुरू होगी और एक प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।' उनकी प्राथमिक अपेक्षा यह है कि कथित साक्ष्यों को नष्ट करने और सत्ता के दुरुपयोग की भी जांच की जाए।
साक्ष्य नष्ट करने का आरोप
राणे ने कहा, 'मेरी एकमात्र अपेक्षा यह है कि हमारी बहन दिशा सालियान के साथ जो गलत हुआ था और जिस तरह से साक्ष्यों तथा प्रमाणों को नष्ट करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया गया था, वह सब अब सामने आएगा।' उन्होंने जोर देकर कहा, 'अंत में, आप सच्चाई को कितना भी छिपाने की कोशिश करें, वह आखिरकार सामने आ ही जाती है।' इसके साथ ही नितेश राणे ने मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह आदेश दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान को राहत प्रदान करेगा।
ये भी पढ़ें: 'मुश्किल में है अर्थव्यवस्था, सरकार दिखा रही सुंदर तस्वीर': जीडीपी के आकड़ों पर शरद पवार का तंज, सरकार को घेरा
क्या है उच्च न्यायालय का निर्देश?
मुंबई उच्च न्यायालय ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। साथ ही, दिशा सालियान की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की गहन जांच करने को भी कहा है। मालवानी पुलिस थाने को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को मामले से संबंधित अभिलेख सौंपने का निर्देश दिया गया है। दिशा सालियान, जो प्रसिद्ध हस्तियों की प्रबंधक थीं, 8 जून 2020 को मुंबई में एक इमारत से गिरने के बाद मृत पाई गई थीं। उनकी मौत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के बांद्रा स्थित आवास पर मृत पाए जाने से कुछ दिन पहले हुई थी।