खूबसूरती के दिवाने हैं और थोड़े जिद्दी, तो संभव है कि आपका जन्म भरणी नक्षत्र में हुआ है। ज्योतिषशास्त्र में इस नक्षत्र को 27 नक्षत्रों में दूसरा स्थान प्राप्त है। इस नक्षत्र पर रोमांस के कारक ग्रह शुक्र और जोश एवं उत्साह के कारक ग्रह मंगल दोनों का ही प्रभाव पड़ता है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिन व्यक्तियों का जन्म इस नक्षत्र में होता वह धुन के पक्के होते हैं। एक बार जो ठान लेते हैं उसे पूरा करके ही दम लेते हैं। काम को लटकाने की बजाय जल्दी से जल्दी पूरा करना इनके व्यक्तित्व की खास विशेषता होती है।
इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति बहुत ही चतुर होते हैं। दूसरों से पैसा निकलवाने की कला इनमें खूब होती है। इनका व्यक्तित्व आकर्षक होता है जिससे शत्रुओं को भी मित्र बना लेते हैं। लेकिन प्रेम प्रसंगों के कारण समाज एवं परिवार में अपमानित होना पड़ता है।
कैरियर की दृष्टि से इनके लिए मनोरंजन, खेल, पुलिस, चिकित्सा विभाग उन्नति दायक होता है। कारोबार की दृष्टि से अनाज एवं मनोरंजन और खेल से संबंधित वस्तुओं का व्यापार लाभप्रद रहता है। इनके मन में जल क्षेत्र जैसे नदी, तालाब एवं समुद्र के प्रति भय बना रहता है।