लिखित आश्वासन के बाद एबीवीपी की भूख हड़ताल समाप्त संयुक्त उच्च शिक्षा निदेशक और तहसीलदार ने छह मांगों पर दिया लिखित आश्वासन, चार दिन से चल रहा था आमरण अनशन, पोखरी। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी में छात्र-छात्राओं की विभिन्न समस्याओं और लंबे समय से लंबित सात सूत्री मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से चल रहा आमरण अनशन चौथे दिन समाप्त हो गया। संयुक्त उच्च शिक्षा निदेशक एएस उनियाल और तहसीलदार रामकिशोर ध्यानी के छह मांगों पर लिखित आश्वासन के बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त करने पर सहमति जताई। गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे प्रभारी प्राचार्य डॉ. अभय कुमार श्रीवास्तव, तहसीलदार रामकिशोर ध्यानी और थानाध्यक्ष देवेंद्र पंत ने आमरण अनशन पर बैठे छात्र शिवम पंत को जूस पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त कराई। इससे पहले मांगों पर कार्रवाई नहीं होने और प्रशासन के उदासीन रवैये से नाराज छात्रों ने महाविद्यालय परिसर में नारेबाजी करते हुए तालाबंदी कर दी। इस दौरान प्राध्यापकों और कर्मचारियों को महाविद्यालय के अंदर ही रोक दिया गया। सूचना पर तहसीलदार रामकिशोर ध्यानी और थानाध्यक्ष देवेंद्र पंत पुलिस बल के साथ महाविद्यालय पहुंचे। पुलिस ने ताला खुलवाकर महाविद्यालय की गतिविधियां सुचारु कराने का प्रयास किया।इसके बाद प्रशासन, पुलिस प्रशासन, महाविद्यालय प्रशासन और एबीवीपी पदाधिकारियों की संयुक्त उच्च शिक्षा निदेशक एएस उनियाल के साथ वार्ता हुई। वार्ता में मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद देर शाम आंदोलन समाप्त करने पर सहमति बनी।ये हैं छात्रों की प्रमुख मांगें, छात्रों की सात सूत्री मांगों में महाविद्यालय में एनसीसी एवं एमएससी कक्षाओं का संचालन, अंग्रेजी विषय के प्राध्यापक की नियुक्ति, पुस्तकालय में नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप पुस्तकों की उपलब्धता, देवस्थान से महाविद्यालय तक पैदल मार्ग का सुधारीकरण, महाविद्यालय के प्रवेश द्वार का निर्माण तथा स्नातकोत्तर स्तर पर अर्थशास्त्र और अंग्रेजी विषय की कक्षाओं का संचालन सहित अन्य मांगें शामिल हैं।चार दिन से चल रहे आमरण अनशन के समाप्त होने के बाद प्रशासन, पुलिस प्रशासन और महाविद्यालय प्रशासन ने राहत की सांस ली।