ऐतिहासिक कजली मेले का शनिवार को भव्य शोभायात्रा के साथ आगाज हो गया। इसमें कई जिलों से आए हजारों मेला प्रेमियों का सैलाब उमड़ा। हाथी, घोड़े व ऊंट के साथ करीब आधा सैकड़ा झांकियों ने लोगों का मन मोहा। हर सड़क, गली और सार्वजनिक स्थल पर लोगों की भीड़ नजर आई। शोभायात्रा के साथ कीरत सागर तट पर सात दिन तक मेला लगेगा। दिन व रात के समय बुंदेली लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम भी शुरू हो गए। शहीद स्थल हवेली मैदान से जिले के प्रभारी मंत्री मनोहरलाल कोरी, विधायक, एमएलसी व एसपी ने फीता काटकर शुभारंभ किया। शोभायात्रा में हाथी पर सवार आल्हा, घोड़े पर सवार ऊदल और ब्रह्मा के अलावा अन्य वीर योद्धाओं के प्रतिरूप चलते रहे। जगह-जगह अश्व नृत्य के साथ कलाकारों ने विभिन्न करतब दिखाकर लोगों का दिल जीता। सबसे आगे सिर पर कलश धारण कर महिलाएं चलती रहीं।शोभायात्रा में आल्हा ऊदल के अलावा राजकुमारी चंद्रावलि का डोला, सखियों के साथ बाग में झूला झूलतीं रानी मछला, मां शारदा की पूजा करते वीर आल्हा, राधा-कृष्ण, पर्यावरण संरक्षण आदि की झांकी शामिल रहीं। शोभायात्रा के साथ सात दिन तक कीरत सागर तट पर बने आल्हा मंच व सांस्कृतिक मंच पर रंगारंग कार्यक्रम शुरू हो गए।