गंगा में प्रति घंटे एक सेमी की रफ्तार से घटाव शुरू हो गया है। लेकिन, बाढ़ प्रभावित इलाकों में दुश्वारियां बरकरार हैं। सबसे अधिक फजीहत का सामना पशु पालकों को करना पड़ रहा है। निचले इलाकों के जलमग्न होने के कारण उनको मवेशियों को चराने के लिए ऊंची जगहों का आश्रय लेना पड़ रहा है। इसी तरह कल तक जो निचले इलाकों में रिहायशी झोपड़ी बनाकर आबाद थे। उनको भी अपने आशियाने का जगह बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा है।