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ग्रेटर नोएडा: प्राधिकरण से शिकायत करने के बाद भी नहीं साफ हुआ दूषित पानी

Rahul Kumar Tiwari Updated Sat, 29 Aug 2026 07:07 PM IST

ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित राइस फॉरेस्ट फ्लोर सोसाइटी के निवासियों ने एटीएस गोल चक्कर के समीप निर्माणाधीन परियोजना के कारण वर्षों से खुले पड़े गड्ढों में दूषित पानी जमा होने की शिकायत की है। निवासियों का कहना है कि खुले गड्ढों में भरे जहरीला पानी के कारण आसपास की सोसाइटियों में डेंगू-मलेरिया के 200 से अधिक मरीज हैं। उनका आरोप है कि जिम्मेदारों का बताने के बाद भी अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार इस समस्या को लेकर पूर्व में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की हेल्पलाइन पर कई बार शिकायत की जा चुकी है। साथ ही बिल्डर को भी मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। निवासियों ने बताया कि सोसाइटी की बाउंड्री से सटे अपेक्स बिल्डर के परिसर में पिछले कई वर्षों से निर्माण कार्य बंद पड़ा है। परिसर में तीन बड़े गड्ढे खुले हुए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में गंदा और बदबूदार पानी जमा हो जाता है, जो लंबे समय तक भरा रहता है। पानी में काई जमने के साथ मच्छरों और अन्य कीड़े-मकोड़ों के पनपने की आशंका बनी रहती है। खुले गड्ढों के कारण आसपास के क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा बना हुआ है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर भी स्थानीय लोगों में चिंता है। निवासियों ने अधिकारियों से मांग की है कि बिल्डर को निर्देश देकर खुले गड्ढों को तत्काल मिट्टी या मलबे से भरवाया जाए। साथ ही जब तक गड्ढे नहीं भरे जाते, तब तक उनमें एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव कराया जाए, ताकि मच्छरों की रोकथाम हो सके। स्थानीय लोगों ने जनस्वास्थ्य को देखते हुए मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

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