बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए जोरों-शोरों प्रचार प्रसार किया जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक पार्टियां वादे और दावे से पीछे नहीं हट रही हैं। बिहार का मिजाज जानने के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' रविवार को दरभंगा पहुंचा। जहां सुबह चाय पर चर्चा के दौरान मतदाताओं के उनके मुद्दे जानने की कोशिश की गई। मिथिला की इस ऐतिहासिक भूमि पर राजनीति सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं, बल्कि हर दिल की धड़कन में बसती है। इस दौरान दरभंगा के विकास की बातें, लोगों के मूड की बातें हुईं।
मुकेश कुमार ने कहा, "तेजस्वी यादव जो कहते हैं कि हर घर में नौकरी देंगे, उन्हें पता होना चाहिए कि 2005 के बाद शिक्षा के क्षेत्र में काम हुआ है। नीतीश कुमार ने महिलाओं को शिक्षा देने का काम किया है। तेजस्वी यादव खुद फैसले लेने में सक्षम नहीं हैं। पहले वे दरभंगा में किसी को सिंबल देते हैं और अगले दिन किसी और को। उनका खुद का भाई भी अलग से चुनाव लड़ रहा है। इससे पहले यहां जंगलराज था। 7 बजे के बाद लोग घर से बाहर नहीं निकल पाते थे और आए दिन हत्या की घटनाएं होती थीं।"
विशाल ने कहा, "यहां के हालात अब काफी बेहतर हो गए हैं। महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा मिल रही है। बिजली और सड़कों के काम में भी बहुत सुधार हुआ है। पहले ऐसा नहीं था।" उन्होंने तेजस्वी यादव के नौकरी देने के वादे पर कहा, "जिनके पास डिग्री है, उन्हें नौकरी मिल रही है। जो तेजस्वी यादव कह रहे हैं, वह संभव नहीं है। वे अपने घर से नौकरी नहीं देंगे।"
बता दें, बिहार में दो चरणों में मतदान होगा। छह नवंबर और 11 नवंबर को मतदान होगा और 14 नवंबर को मतगणना होगी। जिसके बाद पता चल पाएगा कि अगले पांच साल के लिए बिहार में सरकार बनेगी।