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ब्रिक्स सम्मेलन LIVE: पीएम मोदी और पुतिन एक ही कार से प्रदर्शनी में पहुंचे, करीब 45 मिनट चली द्विपक्षीय बैठक
BRICS Summit 2026 Live Updates: राजधानी नई दिल्ली के 'भारत मंडपम' में 12 और 13 सितंबर को आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए वैश्विक नेताओं का आगमन जारी है। सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो समेत 21 देशों के प्रतिनिधि और शीर्ष नेता नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। इस महासम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूसी राष्ट्रपति पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन सहित कई शीर्ष नेताओं के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच नई दिल्ली इस ऐतिहासिक वैश्विक महाकुंभ की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। अपडेट्स अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें...
लाइव अपडेट
द्विपक्षीय बैठक के बाद दिखी कार डिप्लोमेसी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्विपक्षीय बैठक खत्म होने के बाद एक ही कार इनोप्रॉम प्रदर्शनी देखने पहुंचे। इनोप्रॉम एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी है, जो मुख्य रूप से रूस में आयोजित होने वाला सबसे बड़ा औद्योगिक और व्यापार मेला है।BRICS Summit 2026 | Delhi: After their bilateral meeting, Prime Minister Narendra Modi and Russian President Vladimir Putin share a car to head to the exhibition at Bharat Mandapam.
— ANI (@ANI) September 11, 2026
Leaders' Session of BRICS Business Forum will be held here shortly.
(Pics: DD News) pic.twitter.com/HuSHYUGXkA
पीएम मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक खत्म
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक करीब 45 मिनट तक चली। इस दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र में जारी संघर्षों पर भी चर्चा की।पुतिन को किताब भेंट कर क्या बोले पीएम मोदी?
पुतिन को तिरुक्कुरल भेंट करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये किताब मानव मूल्यों से जुड़ी हुई है। ये हमारे देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगी। गौरतलब है कि तिरुवल्लुवर एक भारतीय तमिल कवि और दार्शनिक थे। वे तिरुक्कुरल के लेखक के रूप में सबसे प्रसिद्ध हैं , जो नैतिकता , राजनीतिक और आर्थिक मामलों और प्रेम पर दोहों का संग्रह है। यह ग्रंथ तमिल साहित्य की एक असाधारण और व्यापक रूप से प्रशंसित कृति मानी जाती है।#WATCH | Delhi | Prime Minister Narendra Modi presented Russian President Vladimir Putin with a Russian translation of the Thirukkural, an ancient Tamil classic.
— ANI (@ANI) September 11, 2026
(Video Source: DD News) pic.twitter.com/IqgVVcIq59
पीएम मोदी ने पुतिन को भेंट की तिरुक्कुरल की रूसी भाषा की प्रति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को तमिल संत तिरुवल्लुवर द्वारा लिखी गई तिरुक्कुरल का रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण भेंट किया।Delhi | PM Narendra Modi gave a Russian Translation of the Thirukkural to President Putin. https://t.co/P8cuEpNfVl pic.twitter.com/Lm9HRCoDj8
— ANI (@ANI) September 11, 2026
पीएम मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
सूत्रों ने बताया, 'पीएम मोदी-पुतिन द्विपक्षीय बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है:- महत्वाकांक्षी व्यापार लक्ष्य: 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य।
- भारत में इनोप्रोम: रूस के साथ औद्योगिक सहयोग का विस्तार।
- रेल और सुरंग निर्माण: रेल क्षेत्र और सुरंग निर्माण में सहयोग बढ़ाना।
- इस्पात मूल्य श्रृंखला: इस्पात क्षेत्र में पूरी मूल्य श्रृंखला विकसित करने पर सहयोग।
- अधिक कारोबारी अवसर: दोनों देशों के बीच कारोबार के लिए अधिक अवसर पैदा करना।
- रूसी बाजार तक व्यापक पहुंच: भारतीय उत्पादों और कंपनियों के लिए रूसी बाजार तक पहुंच बढ़ाना।
- नागरिक परमाणु सहयोग: ईंधन चक्र और संयंत्रों के जीवन चक्र से जुड़ी सहायता सहित नागरिक परमाणु सहयोग।
पीएम मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय बैठक शुरू
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हो चुकी है। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से इतर हो रही है। दोनों नेताओं के बीच बैठक से पहले गर्मजोशी से मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया।#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi and Russian President Vladimir Putin hold a bilateral meeting on the sidelines of BRICS Summit 2026.
— ANI (@ANI) September 11, 2026
(Video Source: DD News) pic.twitter.com/KhlCIatMI2
पीएम मोदी और पुतिन पहुंचे भारत मंडपम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत मंडपम पहुंचे। जानकारी के अनुसार दोनों नेता एक ही कार में सवार थे। संभावना जताई जा रही है कि दोनों नेताओं के बीच सुखोई-57 की खरीद से लेकर कई मुद्दों पर बातचीत हो सकती है।थोड़ी देर में पीएम मोदी और पुतिन के बीच होगी द्विपक्षीय बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच कुछ ही देर में भारत मंडपम में द्विपक्षीय बैठक होगी। इससे पहले केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को नई दिल्ली में रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से मुलाकात की। यह बैठक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई।दुनिया का नेतृत्व करने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी ब्रिक्स के पास: असम सीएम हिमंत बिस्व सरमा
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत से पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने वैश्विक परिस्थितियों और भारत की अध्यक्षता पर अहम बयान दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन एक विशिष्ट और बड़ी उपलब्धि है। इस समय पूरा विश्व गंभीर संकटों से गुजर रहा है, विशेष रूप से 'होर्मुज जलडमरूमध्य'के आसपास की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। ऐसे वैश्विक तनाव के बीच दुनिया को शांति और स्थिरता की ओर ले जाने की एक बड़ी और ऐतिहासिक जिम्मेदारी ब्रिक्स देशों के कंधों पर है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि भारत की अध्यक्षता में यह सम्मेलन वैश्विक शांति, समृद्धि और राष्ट्रों के बीच मजबूत सहयोग स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।जब कई देश सीमाओं पर दीवारें बना रहे, तब ब्रिक्स पुलों का निर्माण कर रहे हैं: रूसी विधायक अभय कुमार सिंह
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के कुर्स्क शहर के विधायक (डेपुटैट) और भारतीय मूल के नेता अभय कुमार सिंह ने वैश्विक परिदृश्य में ब्रिक्स संगठन की प्रासंगिकता पर बड़ा बयान दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए अभय कुमार सिंह ने कहा कि यह समय दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ब्रिक्स कोई युद्ध का मंच नहीं है, बल्कि यह अर्थव्यवस्था, संस्कृति और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने वाला साझा मंच है।उन्होंने वैश्विक कूटनीति पर टिप्पणी करते हुए आगे कहा, 'आज जब दुनिया के कई देश अपनी सीमाओं पर दीवारें खड़ी करने में व्यस्त हैं, उस दौर में ब्रिक्स देश नए पुलों का निर्माण कर रहे हैं। हम दुनिया भर में दोस्त बना रहे हैं और एक-दूसरे को आमंत्रित कर रहे हैं। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ब्रिक्स संगठन की भूमिका पूरी दुनिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।'