धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर रविवार रात कोतवाली थाने के बाहर उस समय हंगामे जैसी स्थिति बन गई, जब एक युवती चार घंटे से ज्यादा समय तक थाने के गेट पर बैठी रही। गुलाबरा निवासी दीपिका का आरोप था कि शनिवार देर रात फोन पर हुए विवाद के बाद दुर्गा वाहिनी की जिला अध्यक्ष श्रद्धा पटेल उसके घर के पास पहुंचीं और उसे धमकी दी। युवती ने आरोप में भाजपा जिला उपाध्यक्ष योगेंद्र राणा का नाम भी जोड़ा है। उसका दावा है कि घटना के दौरान योगेंद्र राणा भी मौके पर मौजूद थे और सीसीटीवी फुटेज में उनकी मौजूदगी दिखाई दे रही है।
दीपिका रविवार को शिकायत लेकर कोतवाली पहुंची थी। उसका कहना था कि उसने घटना की जानकारी पुलिस को देकर दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की लेकिन दिनभर कोई कार्रवाई नहीं हुई। देर शाम तक मामला दर्ज नहीं होने के बाद वह थाने के गेट पर बैठ गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे समझाने का प्रयास किया लेकिन दीपिका अपनी मांग पर अड़ी रही। रात बढ़ने के साथ मामला थाने के बाहर ही बना रहा।
महिला थाना पुलिस को बुलाना पड़ा
युवती के कई घंटे तक थाने के बाहर बैठे रहने की जानकारी के बाद देर रात महिला थाना पुलिस को भी कोतवाली बुलाया गया। महिला पुलिसकर्मियों ने दीपिका से बातचीत कर उसे समझाने और वहां से हटने के लिए कहा लेकिन युवती का कहना था कि जब तक उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, वह थाने से नहीं जाएगी। इस दौरान थाने के बाहर लोगों की भीड़ भी जुटती रही। पुलिस स्थिति को संभालते हुए युवती की समझाइश में लगी रही। देर रात तक कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
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फोन विवाद के बाद घर के पास पहुंचने का आरोप
दीपिका के मुताबिक शनिवार देर रात फोन पर हुए विवाद के बाद श्रद्धा पटेल उसके गुलाबरा स्थित घर के आसपास पहुंचीं। युवती का आरोप है कि वहां उसे धमकी दी गई। उसने पुलिस को दिए आवेदन में पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की है। दीपिका का कहना है कि घटना केवल श्रद्धा पटेल से जुड़ी नहीं है। उसके अनुसार भाजपा जिला उपाध्यक्ष योगेंद्र राणा भी मौके पर पहुंचे थे। युवती ने पुलिस से घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने और उसमें दिखाई देने वाले लोगों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की है।
युवती ने पुलिस के सामने दावा किया कि घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरों में योगेंद्र राणा की मौजूदगी दिखाई दे रही है। इसी दावे के आधार पर वह पुलिस से फुटेज की जांच कराने की मांग कर रही है। उसका कहना है कि सीसीटीवी से यह स्पष्ट हो सकता है कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था और विवाद के दौरान क्या हुआ।
दोनों पक्षों से आए आवेदन
मामले में पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसलिए शिकायतों की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, शिकायतों और अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
देर रात तक एफआईआर दर्ज नहीं होने से नाराज दीपिका कोतवाली के गेट पर बैठी रही। चार घंटे से ज्यादा चले इस घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि शिकायत और दूसरे पक्ष के आवेदन की जांच के बाद पुलिस किस आधार पर आगे की कार्रवाई करती है।