रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित राखियों का विशेष स्टॉल लगाया गया। इस स्टॉल पर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी पहुंचीं और उन्होंने स्थानीय स्तर पर निर्मित आकर्षक राखियों का अवलोकन कर अपने भाइयों के लिए खरीदारी की। कलेक्टर के इस कदम से समूह की दीदियों में भारी उत्साह देखने को मिला।
अनाज से बनी राखियां रहीं मुख्य आकर्षण
स्टॉल पर धान, चावल और गेहूं जैसे पारंपरिक कृषि उत्पादों से तैयार की गई राखियां लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कलेक्टर ने इन पर्यावरण-अनुकूल व नवाचारी राखियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने महिलाओं से निर्माण प्रक्रिया, लागत और बिक्री की विस्तृत जानकारी ली तथा 'लोकल फॉर वोकल' को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
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महिलाओं की मेहनत और हुनर आत्मनिर्भरता की पहचान: कलेक्टर
कलेक्टर ने कहा कि स्व-सहायता समूह की दीदियों द्वारा स्थानीय संसाधनों से तैयार किए जा रहे उत्पाद महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता की पहचान बन रहे हैं। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने भी स्टॉल से राखियों की खरीदारी कर महिलाओं का मनोबल बढ़ाया। इसके अलावा कलेक्ट्रेट पहुंचे कई अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर राखियां खरीदीं।