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साइबर अपराधियों के झांसे का शिकार बना ग्रामीण
Updated Tue, 12 Sep 2017 10:52 PM IST
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। अस्कोट कस्बे में दर्जी की दुकान चलाने वाले माया दत्त जोशी साइबर अपराधियों का शिकार बन गए हैं। उन्होंने भी वही गलती की जैसी इस तरह के मामलों के शिकार लोग करते आए हैं। हालांकि, खाते से ज्यादा रुपये निकलने से पहले ही माया दत्त ने अपने खाते में पड़ी शेष राशि की निकासी कर ली। इससे उनके शेष रुपये साइबर अपराधियों के हाथों में जाने से बच गए।
अस्कोट में दर्जी की दुकान चलाने वाले माया दत्त जोशी ने बताया कि रविवार 10 सितंबर को उनके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया और एटीएम नंबर में कुछ गड़बड़ी होने की बात कही। साथ ही यह भी आश्वासन दिया कि इस गड़बड़ी को शीघ्र दूर कर लिया जाएगा। इस पर माया दत्त ने फोन करने वाले को अपने एटीएम का नंबर और पासवर्ड बता दिया। उसने यह बात आसपास के कुछ लोगों को बताई। लोगों ने माया दत्त को समझाया कि वह बड़ी गलती कर चुके हैं तथा खाते में जमा शेष राशि की निकासी कर लें।
माया दत्त ने अपने बैंक खाते से शेष राशि की निकासी तो कर ली, लेकिन कुछ ही मिनटों के भीतर साइबर अपराधी उनके खाते से 6300 रुपये निकाल चुके थे। माया दत्त के बैंक खाते में कुल 36,600 रुपये थे। साइबर अपराधियों की ठगी का शिकार लोगों के बारे में लगातार खबरें छपने के बाद भी लोग अपराधियों के चंगुल में आते जा रहे हैं।
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अस्कोट में दर्जी की दुकान चलाने वाले माया दत्त जोशी ने बताया कि रविवार 10 सितंबर को उनके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया और एटीएम नंबर में कुछ गड़बड़ी होने की बात कही। साथ ही यह भी आश्वासन दिया कि इस गड़बड़ी को शीघ्र दूर कर लिया जाएगा। इस पर माया दत्त ने फोन करने वाले को अपने एटीएम का नंबर और पासवर्ड बता दिया। उसने यह बात आसपास के कुछ लोगों को बताई। लोगों ने माया दत्त को समझाया कि वह बड़ी गलती कर चुके हैं तथा खाते में जमा शेष राशि की निकासी कर लें।
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माया दत्त ने अपने बैंक खाते से शेष राशि की निकासी तो कर ली, लेकिन कुछ ही मिनटों के भीतर साइबर अपराधी उनके खाते से 6300 रुपये निकाल चुके थे। माया दत्त के बैंक खाते में कुल 36,600 रुपये थे। साइबर अपराधियों की ठगी का शिकार लोगों के बारे में लगातार खबरें छपने के बाद भी लोग अपराधियों के चंगुल में आते जा रहे हैं।
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