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दलित छात्रा के अपहरण में दो को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 29 Nov 2015 12:58 AM IST
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विशेष सत्र एवं अपर जिला जज बीडी भारती ने दलित छात्रा के अपहरण में दोषी पाने पर दो अभियुक्तों को उम्रकैद, जबकि एक को दस वर्ष की सजा सुनाई है।
सभी पर कुल मिलाकर एक लाख 61 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषियों को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया है।
गजरौला थाना क्षेत्र के गांव बलदाना असगरअली निवासी लल्तू जाटव पुत्र मोहर सिंह की बेटी शांति समीपवर्ती गांव जलालपुर कलां के कृष्णा इंटर कालेज की छात्रा थी।
19 सितंबर 2012 को सुबह वह स्कूल के गेट पर ही पहुंची थी कि तभी एक गाड़ी वहां आकर रूकी और उसमें से उतरे तीन युवक छात्रा को जबरन गाड़ी में बैठाने लगे।
शोर मचाने पर स्कूल के स्टाफ ने छात्रा को बचाने का प्रयास किया, लेकिन युवक छात्रा का अपहरण कर फरार हो गए। पांच अक्तूबर को पुलिस ने छात्रा को हापुड़ के टोल टैक्स प्लाजा से बरामद किया था और डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव तोहफापुर निवासी प्रदीप पुत्र शीशपाल, मदन पुत्र रामस्वरूप और चुड़ियाला भोजपुर गाजियाबाद के वीरेंद्र पुत्र जयचंद के खिलाफ अपहरण और एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया, जो कुछ समय बाद जमानत पर रिहा होकर जेल से बाहर आ गए। शनिवार को विशेष सत्र एवं अपर जिला जज बीडी भारती ने मामले की सुनवाई की।
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अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने जोरदार बहस की। बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने मदन और वीरेंद्र को उम्र कैद और 67-67 हजार रुपये जुर्माना जबकि प्रदीप को दस वर्ष की कैद और 27 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोषियों को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया।
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सभी पर कुल मिलाकर एक लाख 61 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषियों को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया है।
गजरौला थाना क्षेत्र के गांव बलदाना असगरअली निवासी लल्तू जाटव पुत्र मोहर सिंह की बेटी शांति समीपवर्ती गांव जलालपुर कलां के कृष्णा इंटर कालेज की छात्रा थी।
19 सितंबर 2012 को सुबह वह स्कूल के गेट पर ही पहुंची थी कि तभी एक गाड़ी वहां आकर रूकी और उसमें से उतरे तीन युवक छात्रा को जबरन गाड़ी में बैठाने लगे।
शोर मचाने पर स्कूल के स्टाफ ने छात्रा को बचाने का प्रयास किया, लेकिन युवक छात्रा का अपहरण कर फरार हो गए। पांच अक्तूबर को पुलिस ने छात्रा को हापुड़ के टोल टैक्स प्लाजा से बरामद किया था और डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव तोहफापुर निवासी प्रदीप पुत्र शीशपाल, मदन पुत्र रामस्वरूप और चुड़ियाला भोजपुर गाजियाबाद के वीरेंद्र पुत्र जयचंद के खिलाफ अपहरण और एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
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पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया, जो कुछ समय बाद जमानत पर रिहा होकर जेल से बाहर आ गए। शनिवार को विशेष सत्र एवं अपर जिला जज बीडी भारती ने मामले की सुनवाई की।
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अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने जोरदार बहस की। बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने मदन और वीरेंद्र को उम्र कैद और 67-67 हजार रुपये जुर्माना जबकि प्रदीप को दस वर्ष की कैद और 27 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोषियों को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया।