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राज्य कर्मचारियों की हड़ताल शुरू, कामकाज चौपट
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
Updated Wed, 23 Dec 2015 12:05 AM IST
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जनपद में बुधवार का दिन धरना प्रदर्शन, कार्य बहिष्कार और हड़ताल के नाम रहा। एक ओर तहसील में अधिवक्ता आंदोलनरत थे तो दूसरी ओर लेखपाल और अमीनों ने डिडौली कोतवाल के खिलाफ कार्य बहिष्कार जारी रखा।
वहीं राज्य कर्मचारियों ने भी मंगलवार से हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल का असर कलेक्ट्रेट, तहसील, स्वास्थ्य और नलकूप विभाग में भी दिखा। दो दिवसीय हड़ताल गुरुवार को भी जारी रहेगी।
कर्मचारियों ने इस बीच धरना प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। हड़ताल के चलते दूर दराज और ग्रामीण अंचलों से आए लोग बिना कामकाज कराए वापस लौट गए। जिसके कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने लंबित मांगें को लेकर मंगलवार को दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार कर कलमबंद हड़ताल पर जाने के कारण दफ्तरों में कोई काम नहीं हुआ।
दोपहर के बाद सभी कार्यालयों के कर्मचारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एकत्र होकर धरना प्रदर्शन पर बैठ गए। इस दौरान परिषद के जिला मंत्री पीके सारस्वत ने कहा कि कर्मचारियों के इलाज की व्यवस्था में भ्रष्टाचार पर रोक लगाकर कैशलेस सुविधा प्रदान की जाए।
सभी जनपदों में निश्चित धनराशि पर किराए पर मकान मिलता है, इसके बाद भी केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के वेतन और भत्ते में बड़ा अंतर है, इसे खत्म कर समान किया जाए। ठेकेदारी को खत्म कर सीधे नौकरी के रास्ते खोलकर भ्रष्टाचार पर रोक लगानी चाहिए।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री, रसोइयों, ग्राम रोजगार सेवकों सहित सभी कर्मियों को राजकीय कर्मी घोषित किया जाए। पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने तथा उच्च न्यायालय में तयशुदा सफाई कर्मचारी, संग्रह अमीन, लिपिक संवर्ग एवं कैशलैस चिकित्सा सुविधा पर यथा आवश्यक आदेश जारी किया जाए।
इस दौरान अनूप सिंह पैसल, धर्मपाल सिंह, एमबी उपाध्याय, कुसुम लता चौधरी, देवेंद्री देवी उपाध्याय, प्रकाश चंद्र, नरेंद्र सिंह, रणवीर सिंह, आईएच अंसारी, गजेंद्र सिंह, मशकूर अहमद, नागेंद्र सिंह, चरन सिंह यादव, ओम जंगपाल रहे।
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वहीं राज्य कर्मचारियों ने भी मंगलवार से हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल का असर कलेक्ट्रेट, तहसील, स्वास्थ्य और नलकूप विभाग में भी दिखा। दो दिवसीय हड़ताल गुरुवार को भी जारी रहेगी।
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कर्मचारियों ने इस बीच धरना प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। हड़ताल के चलते दूर दराज और ग्रामीण अंचलों से आए लोग बिना कामकाज कराए वापस लौट गए। जिसके कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने लंबित मांगें को लेकर मंगलवार को दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार कर कलमबंद हड़ताल पर जाने के कारण दफ्तरों में कोई काम नहीं हुआ।
दोपहर के बाद सभी कार्यालयों के कर्मचारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एकत्र होकर धरना प्रदर्शन पर बैठ गए। इस दौरान परिषद के जिला मंत्री पीके सारस्वत ने कहा कि कर्मचारियों के इलाज की व्यवस्था में भ्रष्टाचार पर रोक लगाकर कैशलेस सुविधा प्रदान की जाए।
सभी जनपदों में निश्चित धनराशि पर किराए पर मकान मिलता है, इसके बाद भी केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के वेतन और भत्ते में बड़ा अंतर है, इसे खत्म कर समान किया जाए। ठेकेदारी को खत्म कर सीधे नौकरी के रास्ते खोलकर भ्रष्टाचार पर रोक लगानी चाहिए।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री, रसोइयों, ग्राम रोजगार सेवकों सहित सभी कर्मियों को राजकीय कर्मी घोषित किया जाए। पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने तथा उच्च न्यायालय में तयशुदा सफाई कर्मचारी, संग्रह अमीन, लिपिक संवर्ग एवं कैशलैस चिकित्सा सुविधा पर यथा आवश्यक आदेश जारी किया जाए।
इस दौरान अनूप सिंह पैसल, धर्मपाल सिंह, एमबी उपाध्याय, कुसुम लता चौधरी, देवेंद्री देवी उपाध्याय, प्रकाश चंद्र, नरेंद्र सिंह, रणवीर सिंह, आईएच अंसारी, गजेंद्र सिंह, मशकूर अहमद, नागेंद्र सिंह, चरन सिंह यादव, ओम जंगपाल रहे।