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सांथलपुर में खेत में मिलीं अशर्फियां, खेत स्वामी फरार
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 05 Nov 2015 12:35 AM IST
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ढबारसी के गांव सांथलपुर में एक खेत में समतलीकरण कार्य के दौरान दो लोगों को अशर्फियां मिलीं। दोनों को खुदाई करते देख पहुंचे खेत स्वामी ने उनसे अशर्फियां छीन लीं और स्थानीय ज्वैलर्स से इसकी पहचान कराई।
घरवालों का कहना है कि, ज्वैलर्स ने सिक्कों के सोने की होने की पुष्टि की थी। इसके बाद से खेत स्वामी फरार है। इधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ की है।
आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव सांथलपुर के रहने वाले गिरीश पुत्र वीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि सोमवार रात को उसने एक स्वप्न देखा था। इसमें गांव के राजवीर के खेत में अशर्फियां दिखाई दी थीं।
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इस पर मंगलवार सुबह वह गांव निवासी वीरेश के साथ वहां पहुंचा तो राजवीर खेत में समतलीकरण करा रहा था। इधर, एक पुराने टीले के पास थोड़ी सी खुदाई पर अशर्फियां दिखीं तो उठाने लगे, तभी राजवीर पहुंच गया और अशर्फियां छीन लीं।
उसने गिरीश को भी हिस्सा देने का वादा किया था, लेकिन बुधवार तक कुछ नहीं मिला तो उसने लोगों को घटना की जानकारी दी। इसकी जानकारी पर राजवीर के खेत में लोगों की भीड़ लग गई।
पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और राजवीर को तलाश किया, लेकिन उसका पता नहीं चला। उसके घरवालों ने अशर्फी मिलने की बात स्वीकार की है।
बताया कि, उसने ज्वैलर्स से भी इसकी तस्दीक कराई। आदमपुर थानाध्यक्ष आरसी शर्मा ने बताया कि राजवीर को तलाश किया जा रहा है। अगर उसके पास अशर्फी हैं तो उन्हें पुरातत्व विभाग में जमा कराया जाएगा।
एक पुलिस कर्मी पर सांठगांठ का आरोप
ढबारसी(ब्यूरो)। गांव सांथलपुर के ग्रामीणों के मुताबिक खेत में अशर्फी के सिक्के मिलने की सूचना पर एक पुलिसकर्मी तुरंत ही मौके पर पहुंचा था। लेकिन उसने खेत स्वामी से साठगांठ करके मामले को दबा दिया।
161 लिखा था सिक्के पर
ढबारसी(ब्यूरो)। गांव सांथलपुर के ग्रामीणों के मुताबिक खेत स्वामी ने ग्रामीणों को अशर्फी का सिक्का दिखाया था। सिक्के पर 161 और उर्दू में कुछ लिखा था।
सन 1583 में अकबर इलाही (अकबर का शासन) शुरू हुआ था। इसके 161 साल बाद 1744 ईं में औरंगजेब के परपोते मोहम्मद शाह रंगीला उर्फ रोशन अख्तर के काल में सिक्के चलाए गए थे। हो सकते हैं कि ये वही सिक्के हों।
- प्रो. अनंत कुमार त्यागी, एचडीएसडी पीजी कॉलेज, दूल्हेपुर अहीर, ढबारसी
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घरवालों का कहना है कि, ज्वैलर्स ने सिक्कों के सोने की होने की पुष्टि की थी। इसके बाद से खेत स्वामी फरार है। इधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ की है।
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आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव सांथलपुर के रहने वाले गिरीश पुत्र वीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि सोमवार रात को उसने एक स्वप्न देखा था। इसमें गांव के राजवीर के खेत में अशर्फियां दिखाई दी थीं।
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इस पर मंगलवार सुबह वह गांव निवासी वीरेश के साथ वहां पहुंचा तो राजवीर खेत में समतलीकरण करा रहा था। इधर, एक पुराने टीले के पास थोड़ी सी खुदाई पर अशर्फियां दिखीं तो उठाने लगे, तभी राजवीर पहुंच गया और अशर्फियां छीन लीं।
उसने गिरीश को भी हिस्सा देने का वादा किया था, लेकिन बुधवार तक कुछ नहीं मिला तो उसने लोगों को घटना की जानकारी दी। इसकी जानकारी पर राजवीर के खेत में लोगों की भीड़ लग गई।
पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और राजवीर को तलाश किया, लेकिन उसका पता नहीं चला। उसके घरवालों ने अशर्फी मिलने की बात स्वीकार की है।
बताया कि, उसने ज्वैलर्स से भी इसकी तस्दीक कराई। आदमपुर थानाध्यक्ष आरसी शर्मा ने बताया कि राजवीर को तलाश किया जा रहा है। अगर उसके पास अशर्फी हैं तो उन्हें पुरातत्व विभाग में जमा कराया जाएगा।
एक पुलिस कर्मी पर सांठगांठ का आरोप
ढबारसी(ब्यूरो)। गांव सांथलपुर के ग्रामीणों के मुताबिक खेत में अशर्फी के सिक्के मिलने की सूचना पर एक पुलिसकर्मी तुरंत ही मौके पर पहुंचा था। लेकिन उसने खेत स्वामी से साठगांठ करके मामले को दबा दिया।
161 लिखा था सिक्के पर
ढबारसी(ब्यूरो)। गांव सांथलपुर के ग्रामीणों के मुताबिक खेत स्वामी ने ग्रामीणों को अशर्फी का सिक्का दिखाया था। सिक्के पर 161 और उर्दू में कुछ लिखा था।
सन 1583 में अकबर इलाही (अकबर का शासन) शुरू हुआ था। इसके 161 साल बाद 1744 ईं में औरंगजेब के परपोते मोहम्मद शाह रंगीला उर्फ रोशन अख्तर के काल में सिक्के चलाए गए थे। हो सकते हैं कि ये वही सिक्के हों।
- प्रो. अनंत कुमार त्यागी, एचडीएसडी पीजी कॉलेज, दूल्हेपुर अहीर, ढबारसी