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सीएम योगी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में हेल्प डेस्क का किया शुभारंभ, मिलेगी ये सुविधाएं
Sat, 22 Dec 2018 11:30 AM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: shashikant misra
Updated Sat, 22 Dec 2018 11:30 AM IST
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हेल्प डेस्क का शुभारंभ करते सीएम
- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार की शाम को काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए नवनिर्मित हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया। बांस फाटक पर बने इस हेल्प डेस्क पर मंदिर के दर्शन पूजन की सभी सुविधाएं मिल सकेंगी। उद्धाटन के बाद मुख्य मंत्री ने कहा कि इस हेल्प डेस्क से काशी विश्वनाथ मंदिर की सभी सुविधाएं दर्शनार्थियों को प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण एवं सुंदरीकरण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों के साथ बैठक की। पूरे प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन देखा। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर के निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ तेज गति से कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वनाथ की पवित्र धरती पर प्रधानमंत्री द्वारा कराए जा रहे कार्यो से बदलाव दिख रहा है। काशी की पहचान बाबा विश्वनाथ का मंदिर और यह इस पूरे क्षेत्र को काशी विश्वनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण कराकर बढ़ाया जा रहा है।
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एक समय था जब 1916 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने के दौरान यहां की गलियों और गंदगी को देखकर कटाक्ष किया था। 100 वर्ष के बाद देश के प्रधानमंत्री इस कार्य को पूरा करा रहे हैं। इस विस्तारी करण में सैकड़ों वर्षों से दबे हुए मंदिरों को पुनरुद्धार किया जा रहा है।
साढे चार सालों के अंदर काशी की तस्वीर बदल गई है। वहीं अब हेल्प डेस्क से पूरे देश के श्रद्घालुओं को यह सुविधा मिलेगी। उद्घाटन के बाद हेल्प डेस्क के कर्मचारियों ने सीएम को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
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मुख्यमंत्री ने विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण एवं सुंदरीकरण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों के साथ बैठक की। पूरे प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन देखा। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर के निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ तेज गति से कराया जाए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वनाथ की पवित्र धरती पर प्रधानमंत्री द्वारा कराए जा रहे कार्यो से बदलाव दिख रहा है। काशी की पहचान बाबा विश्वनाथ का मंदिर और यह इस पूरे क्षेत्र को काशी विश्वनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण कराकर बढ़ाया जा रहा है।
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एक समय था जब 1916 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने के दौरान यहां की गलियों और गंदगी को देखकर कटाक्ष किया था। 100 वर्ष के बाद देश के प्रधानमंत्री इस कार्य को पूरा करा रहे हैं। इस विस्तारी करण में सैकड़ों वर्षों से दबे हुए मंदिरों को पुनरुद्धार किया जा रहा है।
साढे चार सालों के अंदर काशी की तस्वीर बदल गई है। वहीं अब हेल्प डेस्क से पूरे देश के श्रद्घालुओं को यह सुविधा मिलेगी। उद्घाटन के बाद हेल्प डेस्क के कर्मचारियों ने सीएम को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
मंदिर में किया पूजा पाठ, कॉरिडोर क्षेत्र देखा
सीएम योगी
- फोटो : amar ujala
उद्घाटन के बाद दर्शन पूजन के लिए हेल्प डेस्क से पैदल ही 9.40 मिनट पर मुख्यमंत्री बाबा दरबार पहुंचे। जहां पं. टेक नरायण उपाध्याय ने मुख्यमंत्री का पूजन अर्चन कराया। वहीं मंदिर के मुख्य कार्यपालक विशाल सिंह ने अंग वस्त्र व प्रसाद भेंट किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने रानी भवानी से बाहर आ कर गेट नंबर तीन से नीलकंठ द्वार की ओर गये।
वहां उन्होंने कॉरिडोर के लिए चल रहे ध्वस्तीकरण के कार्य को देखा। फिर आगे खराव रास्तों से होते हुऐ गेट नम्बर दो सरस्वती फाटक पहुचें जहां हेल्पडेस्क की दूसरी शाखा का शुभारंभ किया। इसके बाद मंदिर कार्यालय गाए जहां उन्होंने अधिकारियों से चर्चा की।
वहां उन्होंने कॉरिडोर के लिए चल रहे ध्वस्तीकरण के कार्य को देखा। फिर आगे खराव रास्तों से होते हुऐ गेट नम्बर दो सरस्वती फाटक पहुचें जहां हेल्पडेस्क की दूसरी शाखा का शुभारंभ किया। इसके बाद मंदिर कार्यालय गाए जहां उन्होंने अधिकारियों से चर्चा की।
हेल्प डेस्क की सुविधाएं
हेल्प डेस्क
- फोटो : amar ujala
- मंदिर में पूजा आरती सहित किसी प्रकार की पूजा के लिए टिकट
- मंदिर का प्रसाद, दुपट्टा, धोती और शंख
- रूद्राक्ष की माला और पूजन सामग्री
- श्रद्धालुओं के लिए 300 लॉकर की सुविधा
- श्रद्धालुओं के बैठने की सुविधा
- शौचालय की सुविधा
- पेयजल और नाश्ता और चाय कॉफी की सुविधा
- पूजन के लिए शास्त्री और दिव्यांगों के लिए व्हिल चेयर की सुविधा
- मंदिर का प्रसाद, दुपट्टा, धोती और शंख
- रूद्राक्ष की माला और पूजन सामग्री
- श्रद्धालुओं के लिए 300 लॉकर की सुविधा
- श्रद्धालुओं के बैठने की सुविधा
- शौचालय की सुविधा
- पेयजल और नाश्ता और चाय कॉफी की सुविधा
- पूजन के लिए शास्त्री और दिव्यांगों के लिए व्हिल चेयर की सुविधा