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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Wrestling Association President Sanjay Singh Bablu said 400 players stopped from wrestling due to wrong age

Exclusive: गलत उम्र बताने वाले 400 खिलाड़ियों को कुश्ती से रोका, कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दी जानकारी

Mon, 07 Jul 2025 05:55 PM IST
प्रगति चंद नीलांबुज तिवारी, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराण्सी।
नीलांबुज तिवारी, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराण्सी। Published by: प्रगति चंद Updated Mon, 07 Jul 2025 05:55 PM IST
सार

भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह बबलू ने कहा कि कम उम्र दिखाने वाले 400 खिलाड़ियों को एक साल में कुश्ती से रोका गया, इनमें 13 यूपी के शामिल रहे। 

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Wrestling Association President Sanjay Singh Bablu said 400 players stopped from wrestling due to wrong age
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह बबलू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गलत को रोकेंगे और कुश्ती को बढ़ाएंगे। प्रमाणपत्रों में उम्र कम दिखा कर कोई भी कुश्ती नहीं खेल पाएगा। जांच सख्ती से की जा रही है। एक साल में ही 400 खिलाड़ियों को कुश्ती से रोका गया है। इनमें वाराणसी के दो और यूपी से 13 खिलाड़ी शामिल हैं। यह कहना है भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह बबलू का।

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कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शनिवार की देर शाम अमर उजाला कार्यालय आए और विशेष बात की। उन्होंने बताया कि गलत प्रमाण पत्रों में कम उम्र दिखाकर कुश्ती खेलने का समय अब खत्म हो गया है। गलत ढंग से कुश्ती में प्रवेश करने वालों को रोकने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब खेलों में वही बढ़ेगा, जो सही नियम, संयम से खेल को अपनाएगा।

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मेडिकल कराने के साथ ही सर्विलांस कैमरे से नजर

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि चयन ट्रायल में मेडिकल भी लागू हो गया है। गलत प्रक्रिया अपनाने वालों पर नकेल कसने के लिए ही सर्विलांस कैमरों की मदद ली जा रही है। खिलाड़ियों को मौका भी दिया जा रहा है। अगर किसी खिलाड़ी को लगता है कि उसके साथ गलत हुआ है, तो उसके लिए उचित फोरम पर सुनवाई हो रही है। सर्विलांस कैमरे की मदद से ही कई खिलाड़ियों को यूपी कुश्ती संघ ने रोक लगाई है।

2009 में महिलाओं को मिला प्रवेश
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि महिलाओं का प्रवेश कुश्ती में दिलाना चुनौतीपूर्ण था। महिलाओं को कास्ट्यूम में कुश्ती के मैट पर उतराना कठिन था। गंगा के तराई क्षेत्र में कुश्ती की तकनीक और पावर दोनों थे। महिलाओं ने कुश्ती में अच्छी जगह बनाई है। शुरू में लोग मिट्टी के अखाड़ों से मैट पर आने में आनाकानी कर रहे थे, लेकिन अब मैट कुश्ती को पूरी तरह अपना लिया है।

सेना में चंदौली के अर्पित और रोहनिया के अथर्व
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि भारतीय सेना के स्पोटर्स विंग में पूर्वांचल के दो खिलाड़ी कुश्ती का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें चंदौली के अर्पित पांडेय और वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र के अथर्व सिंह का नाम शामिल है। इनकी पढ़ाई के साथ खेल का खर्च भी सेना उठा रही है।

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