चिंताजनक! पूर्वांचल के इस जिले में 8240 बच्चे लड़ रहे अतिकुपोषित श्रेणी से बाहर निकलने की जंग
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आजमगढ़ जनपद के कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने में प्रशासन लगा है। इसके बाद भी अप्रैल से लेकर अब तक 8240 बच्चों को लाल श्रेणी और 51210 बच्चों को पीली श्रेणी से बाहर नहीं निकाला जा सका है। इतना ही नहीं अभी दो गांव सुपोषित होने भी शेष हैं।
जनपद में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने में अधिकारी लगे हैं। अधिकारियों द्वारा गांवों को गोद लेकर उन्हें सुपोषित बनाने के लिए प्रयास भी किया जा रहा है। लेकिन इसके बाद भी कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने में अपेक्षित प्रगति नहीं मिल पा रही है।
अप्रैल माह से लेकर अब तक के आंकड़ों पर गौर करें तो अप्रैल 2019 में कुल 11743 बच्चे लाल श्रेणी और 64343 बच्चे पीली श्रेणी में पाए गए थे। इन बच्चों को लाल और पीली श्रेणी से बाहर निकालने के लिए प्रयास किया गया।
जिसके बाद लाल श्रेणी से अब तक 5503 बच्चे बाहर आए। जबकि 8240 बच्चे अभी भी लाल श्रेणी में बने हुए हैँ। वहीं अप्रैल माह में पीली श्रेणी में कुल 64343 बच्चे थे। जिसमें से 13133 बच्चे अब तक पीली श्रेणी से बाहर आए। अभी भी 51210 बच्चे पीली श्रेणी में शामिल हैं। जनपद के 39 गांवों को कुपोषण युक्त चिन्हित किया गया था। जिसमें से 37 गांवों को सुपोषित किया गया और दो गांव अभी भी सुपोषित होने बाकी है।
अभी तो जिन गांवों को सुपोषित करने की सूची हमें मिली है उसकी रैंडम जांच होनी बाकी है। रैंडम जांच होने के बाद ही इन गांवों को सुपोषित घोषित किया जाएगा।
मनोज मौर्या, जिला कार्यक्रम अधिकारी।