विश्व के जाने माने कृषि वैज्ञानिक पद्मश्री संजय राजाराम का कोविड-19 के कारण निधन,अमेरिका में ली अंतिम सांस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी के बड़ागांव क्षेत्र के रायपुर (अनेई) गांव निवासी विश्व विख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. संजय राजाराम (80) जिन्हें देश विदेश में पद्मश्री सहित विश्व स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था उन्हें कोविड महामारी ने चपेट में ले लिया। कल अमेरिका में उपचार के दौरान उनका देहांत हो गया। सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
कृषि वैज्ञानिक को सन् 2001 में तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन द्वारा पद्मश्री से नवाजा गया था। वर्ष 2014 में कृषि क्षेत्र का नोबेल पुरस्कार कहे जाने वाले विश्व खाद्य पुरस्कार से भी नवाजा गया। चीन ने 2001 में फ्रेंडशिप अवार्ड के साथ ही विभिन्न देशों ने सौ से भी ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया।
अमेरिका में रहते हुए भी देश में गेहूं प्रजनन कार्यक्रम का नेतृत्व किया और श्री राम गेहूं सहित अधिक उत्पादन और रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने वाली लगभग पांच सौ दस गेहूं की किस्मों का अलग अलग देशों के लिए उत्पादन किया।
कृषि पद्मश्री राजाराम ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीएससी कृषि में गोल्ड मेडल पाने के साथ ही भारतीय कृषि अनुसंधान नई दिल्ली से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। बाद में आस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय से प्लांट ब्रीडिंग में पीएचडी की।