World Day Against Child Labour: शिक्षा और बुनियादी जरूरतें पूरी हों तो बंद होगा बाल श्रम, केवल मुक्त कराने से नहीं चलेगा काम
बाल श्रम की समस्या का समाधान सिर्फ बच्चों को काम से मुक्त करा देने भर से नहीं होगा। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, परामर्श के अलावा परिवार की मूलभूत जरूरतों का भी ख्याल रखना होगा।
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बाल श्रम की समस्या का समाधान सिर्फ बच्चों को काम से मुक्त करा देने भर से नहीं होगा। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, परामर्श के अलावा परिवार की मूलभूत जरूरतों का भी ख्याल रखना होगा। ये कहना है उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य निर्मला सिंह ने कहीं।
वह बतौर मुख्य अतिथि पुराना पुल स्थित शीतला माता मंदिर परिसर में बाल श्रम उन्मूलन दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम में शामिल हुईं। डॉ. शंभूनाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन, चाइल्ड राइट एंड यू व जिला प्रशासन के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बाल श्रमिक के लिए कार्य योजना बनाकर सरकार के सभी विभागों को समन्वय बनाकर प्रयास करने की जरूरत है।
आयोग के सदस्य अशोक यादव ने सरकार की ओर से बच्चों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी। एडीसीपी वुमन ममता रानी ने महिला एवं बाल सुरक्षा के लिए पुलिस के 112, चाइल्ड लाइन 1098, विमेन पावर लाइन 1090, वन स्टॉप सेंटर से जुड़ी जानकारी साझा की।
प्रदेश के अनुसूचित जाति व जनजाति आयोग के सदस्य मनोज सोनकर, जिले के सहायक श्रम आयुक्त देवव्रत ने भी विचार रखे। इस अवसर पर डॉ. रोली सिंह, दूधनाथ राजभर, हाजी ओकास अंसारी, किशोर न्याय बोर्ड सदस्य त्र्यंबक नाथ शुक्ला, राजेंद्र कुमार, प्रीति वर्मा, राजीव कुमार सिंह, दीक्षा सिंह आदि मौजूद रहे।