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World Book Day 2024: एक क्लिक पर दिखेंगी 5 लाख किताबें, वाराणसी में 24 हजार पुस्तकें हुईं ऑनलाइन
Tue, 23 Apr 2024 12:05 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 23 Apr 2024 12:05 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के सभी जिला पुस्तकालयों की पुस्तकें ऑनलाइन होंगी। वाराणसी जिला पुस्तकालय की 24 हजार पुस्तकें ऑनलाइन हुई हैं। प्रदेश सरकार के ई-ग्रंथालय सॉफ्टवेयर पर किताबें अपलोड की जा रही हैं। इसकी लांचिंग चुनाव के बाद होगी।
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World Book Day 2024
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
अब पुस्तकालयों के रैक और अलमारी में किताबें ढूंढने में घंटों समय जाया करने की जरूरत नहीं। बस एक क्लिक पर आपकी मनपसंद किताब आपके सामने होगी। यह सब कुछ ई-ग्रंथालय सॉफ्टवेयर पर किताबों का ब्योरा ऑनलाइन होने से संभव होगा। ज्यादा से ज्यादा पाठकों तक पुस्तकों की पहुंच सुलभ कराने के मकसद से प्रदेशभर के पुस्तकालयों की किताबों को ऑनलाइन किया जा रहा है।
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पुस्तकालयों को एनआईसी से विकसित 'ई-ग्रंथालय' सॉफ्टवेयर पर अपलोड करने के काम को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। पहले चरण में प्रदेशभर के सरकारी पुस्तकालयों की पांच लाख पुस्तकों को ई-ग्रंथालय सॉफ्टवेयर पर ऑनलाइन कर एक साथ लॉन्च करने की तैयारी है। चुनाव संपन्न होने के बाद इसकी लॉन्चिंग की जाएगी। वाराणसी जिला पुस्तकालय की 24 हजार पुस्तकों को ऑनलाइन कर दिया गया है।
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एक साथ ऑनलाइन करेगी सरकार
प्रदेशभर के सरकारी पुस्तकालयों की किताबों का विवरण सॉफ्टवेयर पर अपलोड होने के बाद सरकार उसे एक साथ लॉन्च करेगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि डेढ़ से दो महीने में प्रदेशभर के पुस्तकालयों की पुस्तकों के सॉफ्टवेयर पर अपलोड हो जाने की उम्मीद है। जून-जुलाई तक ई-सॉफ्टवेयर पर अपलोड किताबों को पाठकों के लिए ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
सॉफ्टवेयर पर पुस्तकों का नाम, लेखक, अलमारी संख्या, रैक संख्या और क्रम का विवरण अपलोड किया जा रहा है। पाठक को सिर्फ किताब का नाम डालते ही लाइब्रेरी में उसकी अलमारी और रैक संख्या का पूरा विवरण स्क्रीन पर आ जाएगा। इससे किताब ढूंढने में समय जाया नहीं करना पड़ेगा। जिला पुस्तकालय की कुल 34 हजार पुस्तकों में से 10 हजार पुस्तकें ग्रामीण पुस्तकालयों को आवंटित कर दी गई हैं। यहां 2500 से अधिक छात्र-छात्राओं की सदस्यता है। इसी तरह अन्य जिलों के पुस्तकालयों में उपलब्ध किताबों का विवरण भी सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया जा रहा है
क्या बोले अधिकारी
जिला पुस्तकालय की शत- प्रतिशत किताबों का विवरण ऑनलाइन कर दिया गया है। किताबें ऑनलाइन होने से पाठकों का समय बचेगा और वे कम समय में ज्यादा से ज्यादा ज्ञानार्जन कर सकेंगे।
- कंचन सिंह परिहार, जिला पुस्तकालयाध्यक्ष
सॉफ्टवेयर पर पुस्तकों का नाम, लेखक, अलमारी संख्या, रैक संख्या और क्रम का विवरण अपलोड किया जा रहा है। पाठक को सिर्फ किताब का नाम डालते ही लाइब्रेरी में उसकी अलमारी और रैक संख्या का पूरा विवरण स्क्रीन पर आ जाएगा। इससे किताब ढूंढने में समय जाया नहीं करना पड़ेगा। जिला पुस्तकालय की कुल 34 हजार पुस्तकों में से 10 हजार पुस्तकें ग्रामीण पुस्तकालयों को आवंटित कर दी गई हैं। यहां 2500 से अधिक छात्र-छात्राओं की सदस्यता है। इसी तरह अन्य जिलों के पुस्तकालयों में उपलब्ध किताबों का विवरण भी सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया जा रहा है
क्या बोले अधिकारी
जिला पुस्तकालय की शत- प्रतिशत किताबों का विवरण ऑनलाइन कर दिया गया है। किताबें ऑनलाइन होने से पाठकों का समय बचेगा और वे कम समय में ज्यादा से ज्यादा ज्ञानार्जन कर सकेंगे।
- कंचन सिंह परिहार, जिला पुस्तकालयाध्यक्ष