वाराणसी एयरपोर्ट के निजीकरण की सिफारिश से सहमे कर्मी, बड़े आंदोलन की तैयारी में यूनियन के नेता
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देश के बड़े एयरपोर्ट के निजी हाथों में जाने के बाद अब वाराणसी समेत कई अन्य एयरपोर्ट के निजीकरण की सिफारिश से वाराणसी एयरपोर्ट पर तैनात अधिकारी कर्मचारी सहमे हुए हैं। एक ओर जहां कर्मचारी नेता धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं बड़े अधिकारी इसका मौन समर्थन कर रहे हैं।
एयरपोर्ट अथॉरिटी इम्प्लाइज यूनियन के वाराणसी शाखा सचिव सुभाष तिवारी ने कहा कि एयरपोर्ट के निजीकरण की तैयारी जोरों पर चल रही है, लेकिन हम लोग भी चुप बैठने वाले नहीं हैं। इसका जोरदार विरोध शुरू हो चुका है। 28 नवंबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर पूरे देश के कर्मचारियों ने सफल प्रदर्शन किया।
भविष्य में भी विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी के अलावा देश की अन्य सरकारी उपक्रम जिनके निजीकरण की चर्चा है। इसका भी एक ज्वाइंट फोरम बनाकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
वहीं पूर्व शाखा सचिव प्रदीप कुमार मिश्र ने बताया कि इस सरकार ने कई अच्छे कार्य किए हैं लेकिन सरकारी कर्मचारियों के प्रति इनकी नीतियां स्पष्ट नहीं हैं। एयरपोर्ट यदि निजी हाथों में चला जाएगा तो यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा साथ ही यात्री सुविधाओं में भी कटौती होगी।
अमृतसर में तैनात एयरपोर्ट अथॉरिटी कामगार यूनियन के नेता और पूर्व शाखा सचिव संजय सिंह ने कहा कि निजीकरण के विरोध में सभी कर्मचारी एकजुट हैं। पक्ष और विपक्ष सभी एक फोरम बनाकर एक साथ हैं। हमारे साथ भारतीय मजदूर संघ और देश के अन्य मजदूर संघ के नेता साथ हैं।