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उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के घर पर रुकवाया काम, अब नए निर्माण के लिए लेनी होगी अनुमति

Fri, 21 Aug 2020 11:38 PM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: विचित्र सिंह Updated Fri, 21 Aug 2020 11:38 PM IST
सार

  • उस्ताद की बड़ी बेटी जरीना बेगम ने भी किया तोड़फोड़ का विरोध
  • कहा- सरकार ने की थी स्मारक बनवाने की पहल, लेकिन भाई ने उन्हें लौटाया

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Work stopped at Ustad Bismillah Khan's house, now permission will have to be taken for new construction
उस्ताद का जर्जर मकान

विस्तार

वीडीए के जोनल अधिकारी और प्रवर्तन के जेई के नेतृत्व में पहुंची टीम ने भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के घर पहुंचकर काम रुकवा दिया है। साथ ही इसकी नगर निगम को भी सूचना दी गई है। उधर, भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की बड़ी बेटी जरीना बेगम ने उस्ताद के मकान में तोड़फोड़ का विरोध किया है।

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वीडीए वीसी राहुल पांडेय ने बताया कि कोई भी नया निर्माण करने से पहले विकास प्राधिकरण से अनुमति लेनी होगी। ध्वस्तीकरण से संबंधित जो भी कार्रवाई होगी, वह नगर निगम अपने स्तर से कराएगा। वीसी ने बताया कि उस्ताद के पांच पुत्रों में से एक मेहताब हुसैन के बेटे मो. शिफतैन दूसरी मंजिल के जर्जर हो चुके एक कमरे की पैराफिट वाल को तोड़ रहे थे, जिसे रोक दिया गया है। 

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पारिवारिक विवाद के कारण घर के ही एक-दूसरे पुत्र उसकी शिकायत कर रहे हैं। प्रापर्टी को लेकर उस्ताद के घर वालों में काफी खींचतान चल रही है। अधिकांश का कहना है कि मकान जिस हाल में है उसे वैसे ही रहने दिया जाए। 

वहीं, उस्ताद की बड़ी बेटी जरीना बेगम ने अपने भाई पर आरोप लगाया कि जिस साल अब्बा हुजूर का इंतकाल हुआ था। उसके बाद सरकार के नुमाइंदे इसे बनवाने के लिए आए थे तो मेरे छोटे भाई काजिम हुसैन ने मना कर दिया। हमें कुछ बताया भी नहीं गया। 

हम अब्बाजान के कमरे में तब्दीली नहीं देख सकते। हम यह नहीं होने देंगे। हमारी मांग है कि इसे सिर्फ सरकार बनाए। मुझे तो पता भी नहीं है कि अब्बा हुजूर का कौन सा सामान संजो कर रखा गया है। वो कहां है। उनके सारे अवार्ड और बैठक में लगी तस्वीरें भी न जाने कहां रखी हैं।

वीडीए ने की थी पहल

शहर बनारस के नामचीन लोगों के पुश्तैनी घरों को स्मारक का स्वरूप दिए जाने की वीडीए की योजना था। वीडीए वीसी पुलकित खरे ने इसकी शुरुआत की थी। उस दौरान संत तुलसीदास, कबीरदास, भारतेंदु हरिश्चंद्र, उस्ताद बिस्मिल्लाह खां, पं. किशन महाराज, सितारा देवी, मुंशी प्रेमचंद समेत सभी विभूतियों व कलाकारों के घरों का निरीक्षण किया गया। सभी के परिजनों से संपर्क किया गया। कुछ दिनों बाद जब उनका स्थानांतरण हो गया तो इस दिशा में वीडीए वीसी राहुल पांडेय ने भी पहल की। लेकिन परिजनों का सहयोग नहीं मिलने से यह नहीं हो पाया।

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उस्ताद की विरासत को सहेजने में मदद करेगा इंटैक

उस्ताद की विरासत को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक राहत भरी खबर है। इंटैक वाराणसी चैप्टर के अध्यक्ष अशोक कपूर ने बताया कि सरकार अगर उस्ताद की विरासत को सहेजने की पहल करती है तो बनने वाले संग्रहालय में इंटैक भी मदद करने को तैयार है। इंटैक उसमें एक गैलरी कार्नर अपने खर्च पर तैयार करवाएगी। 

भारतरत्न की कब्र पर गुलपोशी के साथ हुई दुआख्वानी

Work stopped at Ustad Bismillah Khan's house, now permission will have to be taken for new construction
श्रद्धांजलि अर्पित करते पूर्व विधायक अजय राय व अन्य। - फोटो : अमर उजाला।

भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की 14वीं पुण्यतिथि शुक्रवार को दरगाहे फातमान में मनाई गई। घरवालों के साथ ही उस्ताद के चाहने वालों ने भी उनकी कब्र पर खिराज-ए-अकीदत पेश की।
गुलपोशी के बाद उस्ताद की कब्र पर सामूहिक दुआख्वानी की गई। कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने भी कार्यकर्ताओं के साथ मकबरे पर फूल अर्पित किए।

अजय राय ने कहा कि उस्ताद के जैसा शहनाई वादक न पैदा हुआ है और न होगा। मकान के विवाद पर उन्होंने कहा कि सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। सरकार को यहां संग्रहालय बनाना चाहिए। मकान का जो भी मुआवजा हो उसे उनके परिवार को दिया जाए, ताकि उनकी आर्थिक तंगी खत्म हो सके। 

शहनाई दंगल स्थगित

कोरोना महामारी के कारण भारत रत्न की पुण्यतिथि पर दीपिका कल्चर सोसायटी आफ इंडिया एवं होटल रेडिसन की ओर से पिछले कई सालों से आयोजित शहनाई दंगल को स्थगित कर दिया गया है। संस्था की ओर से उस्ताद के सबसे छोटे बेटे यश भारती से सम्मानित उस्ताद नाजिम हुसैन खान को उनके आवास पर सम्मानित किया गया।

प्रशासन की नहीं हुई नुमाइंदगी
परिजनों के अनुसार, रवायत के मुताबिक शासन, प्रशासन के प्रतिनिधि स्वरूप कमिश्नर, डीएम सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जयंती और पुण्यतिथि पर भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के मकबरे पर श्रद्धा सुमन चढ़ाने के लिए आते रहे हैं, लेकिन इस बार कोई भी नहीं पहुंचा।
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