फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Work on special schemes in tribal areas: PM

आदिवासी अंचलों में विशेष योजनाओं पर काम : पीएम

Sun, 22 Nov 2020 11:53 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Nov 2020 11:53 PM IST
विज्ञापन
Work on special schemes in tribal areas: PM
चतरा ब्लॉक करमांव में हर घर नल योजना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वचुर्वल संबाद में मंचासीन मु? - फोटो : SONBHADRA
सोनभद्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार की सुबह 11.30 पर जिले के करमांव में सोनभद्र और मिर्जापुर में 5 हजार 555 करोड़ रुपये की 23 पेयजल परियोजनाओं की सौगात देते हुए कहा कि आदिवासी अंचलों में विशेष योजनाओं पर काम किया जा रहा है। एकलव्य मॉडल पर आवासीय स्कूल शुरू किए गए हैं। इसके तहत यूपी में भी बड़ी संख्या में स्कूल खोले गए हैं। हर आदिवासी गांव तक हर सुविधा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। आदिवासी गांवों में पढ़ाई के साथ कमाई की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री ने कहा कि आदिवासियों को वन उपज की उचित कीमत दिलाने की कोशिश की जा रही है। वन उपज की ज्यादा कीमत दिलाने के लिए देश में 1250 से अधिक वन धन केंद्र खोले जा चुके हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत वनस्पति उद्योग के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि वनस्पति उद्योग के लिए जरूरी निवेश बढ़े, आदिवासी इलाकों में जरूरी सुविधाएं विकसित करने के लिए मिनरल फंड बनाया गया है। इसके तहत आदिवासी इलाकों की वन संपदा से मिलने वाली धनराशि के एक हिस्से को उसी क्षेत्र के विकास में खर्च किया जा रहा है। इसके तहत अब तक 800 करोड़ रुपये एकत्र किए गए हैं। इस धनराशि से रोजगार शुरू करने के लिए 6500 से ज्यादा प्रोजेक्ट स्वीकृत किए जा चुके हैं। इससे आदिवासी इलाकों के लोगों के आत्मविश्वास में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि विंध्य क्षेत्र के 2 हजार 995 गांवों के लिए यह योजना शुरू की जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विंध्य क्षेत्र के 3 हजार 393 गांवों में से 398 में ही आजादी के बाद पेयजल की व्यवस्था हो पाई। मां विंध्यवासिनी की विशेष कृपा से लाखों परिवारों के लिए इस योजना की शुरुआत हो रही है। इससे घरों में ही शुद्ध पेयजल मिलेगा।
विज्ञापन

जापर विपदा परत है सो पावत यही देश...
प्रधानमंत्री ने रहीम दास जी के दोहे का जिक्र करते हुए कहा कि जापर विपदा परत है सो पावत यही देश...। इन पंक्तियों का संदेश इस क्षेत्र की अपार प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा है। यहां से होकर कई नदियां गुजरती हैं, लेकिन यह क्षेत्र आजादी के बाद से उपेक्षा का शिकार होता रहा है। इतनी नदियां होने के बावजूद इसकी सूखा प्रभावित क्षेत्र की पहचान रही है। इसके चलते लोगों को यहां से पलायन के लिए विवश होना पड़ा। बीते वर्षों में विंध्याचल की सबसे बड़ी समस्या दूर करने के लिए काम किया गया है। इस क्षेत्र में घर-घर नल और हर खेत तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने की योजना इसी प्रयास का हिस्सा है। अब विंध्य क्षेत्र की साढ़े पांच हजार करोड़ की परियोजना का शुभारंभ किया जा रहा है। जल जीवन मिशन को गांव के विकास का माध्यम बनाया जा रहा है। इसी के तहत पंचायतों व निकायों को और अधिकार दिए जा रहे हैं। जल संरक्षण के लिए भी काम किया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत हर घल नल ही नहीं, बल्कि पीएम आवास योजना के तहत सभी गरीबों के पक्के घर बनाने के पीछे भी आत्मनिर्भर भारत की सोच काम कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
आत्मनिर्भर गांव की सोच के साथ काम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम आत्मनिर्भर गांव की सोच के साथ काम कर रहे हैं। राज मिस्त्री, बिजली मिस्त्री और अन्य काम के लिए गांव में रोजगार के साधन विकसित कर रहे हैं। गांव में रहने वाले आदिवासियों और गरीबों को सरकार प्राथमिकता दे रही है। इससे गांवों को दोहरा लाभ हुआ है। पहले लकड़ी पर खाना पकाने से धुएं से माताएं व बहनें परेशान होती थीं। चार सौ सिगरेट के बराबर धुआं उनके शरीर में जा रहा था। सरकार ने रसोई गैस सिलिंडर दिलाकर इस समस्या से निजात दिलाई है। अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में यह इलाका विशेष पहचान बना रहा है। वर्षों की लटकी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा अन्नदाता ऊर्जा दाता बने, इस दिशा में भी काम किए जा रहे हैं। बिजली की पहले जितनी समस्या थी, अब नहीं है।
---
स्वामित्व योजना पर हो रहा काम
सोनभद्र। प्रधानमंत्री ने कहा कि गांव में जमीन से जुड़े विवाद की समस्याएं रही हैं। इसे उत्तर प्रदेश के लोगों से ज्यादा और कौन समझ सकता है। पीढ़ी दर पीढ़ी रहने के बाद भी गांव की जमीन से संबंधित कानूनी कागजात नहीं थे। गरीब के नाम कितनी जमीन है, उसके कागजात नहीं होने से समस्या बढ़ रही थी। जमीन के लिए मारपीट की नौबत आती रही है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ड्रोन तकनीक से गांवों की जमीन और घरों का नक्शा तैयार करा रही है। ग्रामीणों को स्वामित्व योजना के तहत घरों और जमीन के मालिकाना हक से संबंधित कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब स्वामित्व योजना के तहत मालिकाना हक संबंधी दस्तावेज मिल जाने से जमीन संबंधी विवाद से गरीबों को छुटकारा मिलेगा। जरूरत पड़ने पर मालिकाना हक संबंधी कागजात से बैंकों से लोन भी ले सकते हैं।
---
योगी सरकार की थपथपाई पीठ
सोनभद्र। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश की योगी सरकार को सराहा। कहा कि कोरोना संकट में भी इतनी बड़ी परियोजना का शुरू किया जाना प्रदेश की योगी सरकार की तरफ से विकास यात्रा को तेजी से आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण उदाहरण है। आज जिस तरह से उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक योजनाएं लागू हो रही हैं, उससे प्रदेश सरकार व यहां के कर्मचारियों की छवि बदल रही है। जिस प्रकार से यूपी ने कोरोना से मुकाबला किया। बाहर से लौटे श्रमिकों का ध्यान रखा, रोजगार दिया, यह सामान्य काम नहीं है। इतने बड़े प्रदेश में हर मोर्चे पर काम करना सामान्य बात नहीं है। देश में दो करोड़ 60 लाख से ज्यादा परिवारों को उनके घरों में नल से शुद्ध पानी पहुंचाने का काम हो चुका है। इसमें लाखों परिवार उत्तर प्रेदश के भी शामिल हैं। गांवों में शहरों जैसी सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं। अटल भूजल योजना के तहत भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए जो काम हो रहा है, उससे भी इस योजना को मदद मिल रही है। अब जो योजना बनाई जा रही है, उससे एक पंथ अनेक काम हो रहे हैं। इसी कड़ी में हर घर नल योजना पर भी काम हो रहा है। इससे गंदे पानी से होने वाली बीमारियों की समस्या से लोगों को निजात मिलेगी। साथ ही पशुधन को भी लाभ हो रहा है। साफ पानी मिलता है तो पशु भी स्वस्थ रहते हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के प्रयासों से इंसेफ्लाइटिस के केसों में कमी आई है। जब पाइप से शुद्ध पानी पहुंचेगा तो इससे भी बच्चों को लाभ पहुंचेगा। इससे उनका शीराीरिक और मानसिक विकास का स्तर भी बढ़ेगा।

---
सोनेलाल पटेल को किया याद
सोनभद्र। प्रधानमंत्री मोदी ने सोनलाल पटेल को याद करते हुए कहा कि वह इस इलाके की पानी की समस्या को लेकर बहुत चिंतित रहते थे। इन योजनाओं को शुरू होते देख वह जहां कहीं होंगे, उनको संतोष होता होगा और आशीर्वाद दे रहे होंगे। इस योजना से तीन हजार गांवों के 40 लाख से ज्यादा लोगों का जीवन बदल जाएगा। इससे यूपी के हर घर तक जल पहुंचाने के संकल्प को भी ताकत मिलेगी।
---
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed