Varanasi News : कृषि में 50 फीसदी तक महिलाओं की भागीदारी, मोनिका गर्ग बोलीं- धरातल पर हो रहे कार्य
Varanasi News : प्रदेश सरकार की कृषि उत्पादन आयुक्त देश की कृषि व्यवस्था पर विस्तृत तरीके से जानकारी दी। किसानाें के लिए भी नई तकनीक और सिस्टम के बारे में बताया। बता दें कि अमर उजाला गांव जंक्शन राष्ट्रीय बीज सम्मेलन का सहयोगी है।
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प्रदेश सरकार की कृषि उत्पादन आयुक्त मोनिका एस गर्ग ने कहा कि अब बातें नहीं, महिलाओं के लिए कृषि क्षेत्र में धरातल पर कार्य हो रहे हैं। उनको ट्रेनिंग देकर तकनीक रूप से सक्षम किया जा रहा है। महिलाएं देश के कृषि श्रमशक्ति का 50 फीसदी हिस्सा हैं, फिर भी उनके काम को मान्यता नहीं मिलती है। उनको भूमि, वित्त, प्रौद्योगिकी और नीति-निर्माण के मंचों तक समान रूप से पहुंचाने की जरूरी है।
अमर उजाला गांव जंक्शन राष्ट्रीय बीज सम्मेलन का सहयोगी है। आईसार्क और एनएसआरटीसी की ओर से चांदपुर स्थित इरी के आईसार्क में चल रहे तीन दिवसीय 13वें राष्ट्रीय बीज सम्मेलन (एनएससी) के दूसरे दिन शुक्रवार को उन्होंने उद्घाटन सत्र में उन्होंने महिलाओं की कृषि क्षेत्र में भागीदारी पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है, जो 50 फीसदी से अधिक श्रमशक्ति को रोजगार देती है। समापन समारोह के मुख्य अतिथि राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह होंगे।
बांग्लादेश ने भारत से मांगी धान और जूट की 4 किस्में
बांग्लादेश ने भारत से धान व जूट की चार किस्में मांगी हैं। वहां की सरकार ने इसी साल देश के कृषि मंत्रालय के भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) को पत्र भेजा है। दोनों देशों के बीच समझौते के तहत बीजों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया चल रही है।
धान की किस्में इरी की हैं। जबकि बांग्लादेश ने धान की ही 10 किस्में भारत को दी हैं। नेशनल सीड कांग्रेस में आए सार्क एग्रीकल्चर सेंटर के डायरेक्टर डॉ. मोहम्मद हारुन रशीद ने पत्रकारों को बताया कि सीड विदऑउट बाॅर्डर समझौते के तहत दोनों देशों से बीज का आदान-प्रदान होता है।
इसी के तहत चार तरह के और बीज मांगे गए हैं। भारत के जूट की जेआरओ-524 किस्म बांग्लादेश में काफी सफल है। वहां इसकी 90 फीसदी क्षेत्रफल में खेती हो रही है। इसकी उच्च गुणवत्ता वाले बीज की मांग की गई है।