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डॉ. टीके लहरी मामला: सफाई के लिए बलपूर्वक रोका था, इसके अलावा कोई रास्ता नहीं था; आरोपी डॉक्टर ने कही ये बात

Mon, 07 Sep 2026 08:22 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Mon, 07 Sep 2026 08:22 AM IST
सार

वाराणसी जिले में बीएचयू में भर्ती डॉ पद्मश्री प्रो. टीके लहरी की पिटाई के आरोपों पर बीएचयू ने जवाब दिया। कहा कि डॉ टीके लहरी मानसिक बीमारियों से ग्रसित हैं। उधर, आरोपी डॉक्टर ने मेसेज करके लिखा कि सफाई के लिए उन्हें बलपूर्वक रोका था, इसके अलावा कोई रास्ता नहीं था। उधर, मुख्यमंत्री के निर्देश पर लहरी से राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल मिले।

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Dr. T.K. Lahiri case accused BHU doctor stated he forcibly detained person to seek an explanation in varanasi
मुख्यमंत्री के निर्देश पर डॉ. टीके लहरी से मिले राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीएचयू के इमेरिटस डॉ पद्मश्री प्रो. टीके लहरी की पिटाई के आरोपों पर बीएचयू प्रशासन ने जवाब दिया है। उनका कहना है कि डॉ लहरी की पिटाई नहीं हुई है। लहरी मानसिक बीमारियों से ग्रसित हैं। वहीं, आरोपी डॉक्टर अरविंद पांडेय ने आईएमस बीएचयू के डॉक्टर्स के वॉट्सएप ग्रुप पर अपनी सफाई दी। 
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उन्होंने कहा है कि प्रो लहरी को थप्पड़ नहीं मारा बलपूर्वक रोका था। उन्होंने इसके लिए फोर्सफुली रीस्ट्रेन शब्द का इस्तेमाल किया है। उन्होंने ये भी लिखा है कि फोर्सफुली रीस्ट्रेन यानी बलपूर्वक रोकने के अलावा तब और कोई रास्ता नहीं था। आईएमएस डायरेक्टर डॉ. एस एन संखवार के मुताबिक इस मामले में एमएस ने डॉ लहरी की ड्यूटी से डॉ अरविंद को हटा दिया है। एमएस ने सात लोगों की जांच कमेटी भी बनाई है। 
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वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने अस्पताल जाकर प्रो लहरी से मुलाकात की है। राज्यमंत्री ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर, आईएमएस निदेशक और डीसीपी को शामिल किया गया है। राज्यमंत्री के मुताबिक, लहरी ने अपने साथ अप्रिय घटना से इन्कार किया है।
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परिजनों ने लगाया ये आरोप
परिजनों का कहना है कि उन्हें पहले से डर था कि डॉ लहरी को मानसिक रोगी बता दिया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि परिवार से कोई न कोई हर पंद्रह दिन में मिलने आता है जबकि बीएचयू का कहना है कि कोई उनसे मिलने आता है। गौरतलब है कि डॉ लहरी 8 महीने से भर्ती थे लेकिन जब से वो डॉ अरविंद पांडेय की निगरानी में थे तब से एक बार भी मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया है।

बीएचयू ने क्या बयान दिया
अस्पताल के आईसीयू वार्ड में आठ महीने से भर्ती लहरी के पिटाई के आरोपों पर बीएचयू प्रशासन ने रविवार को अपना बयान जारी किया। बीएचयू ने कहा कि प्रो लहरी बुजुर्ग अवस्था के चलते सिनाइल डिमेंशिया, व्यवहार परिवर्तन जैसी मानसिक बीमारियों से ग्रसित हैं। ह्रदय रोग और टीबी पीड़ित हैं। उम्र जनित शारीरिक, मानसिक बीमारियों के चलते वह इलाज और नित्यकर्म, साफ-सफाई में आनाकानी करते रहते हैं। 

डॉ. लहरी 27 जनवरी से छाती की कुछ समस्याओं को लेकर सर सुन्दर लाल अस्पताल में भर्ती हुए थे। इसके बाद से अस्पताल के चिकित्साधिकारी और कर्मचारी निरंतर उनका ध्यान रख रहे हैं। उनका इलाज किया जा रहा है। बीएचयू प्रशासन ने डॉ. लहरी के परिजनों से उनके स्वास्थ्य को लेकर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई भी परिजन उनकी देखभाल के लिए अभी तक नहीं आया है। 

डॉ. लहरी को विशेष चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है। कुलपति, आईएमएस निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक को प्रो लहरी से संबंधित ई-मेल मिला था। चिकित्सा अधीक्षक ने डॉ. टीके लहरी के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट और दुर्व्यवहार को तथ्यहीन बताया है। ईमेल प्राप्ति के बाद आईएमएस निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक डॉ लहरी से मिलने वार्ड पहुंचे और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। 

चिकित्सा अधीक्षक ने 3 सितंबर को ह्रदय रोग, सामान्य मेडिसिन, मनोचिकित्सा, वृद्धावस्था रोग, न्यूरोलोजी, क्रिटिकल केयर, टीबी और छाती रोग के विशेषज्ञ चिकित्सकों को निर्देश दिया था और कहा था कि डॉ लहरी के स्वास्थ्य जांच की जांच की जाए।

एसोसिएट प्रोफेसर ने क्या मेसेज किया
लगभग 4-5 महीनों से प्रो. लहरी उनकी देखरेख और मेडिकल बोर्ड टीम की निगरानी में भर्ती हैं। बेड पर किए गए मल की सफाई के दौरान उन्होंने बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया। वे सफाई करने वाले कर्मचारी को मल साफ नहीं करने दे रहे थे। वे लगातार मेरे और सफाई कर्मचारी के चेहरे पर थूक रहे थे। उन्हें बलपूर्वक रोकने की कोशिश की गई (थप्पड़ नहीं मारा गया) जिससे कि सफाई की प्रक्रिया पूरी हो सके। इस घटना से मुझे भी बहुत दुख हुआ। उस समय उन्हें बलपूर्वक रोकने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था और ऐसा सिर्फ उनकी सफाई के लिए ही किया गया था।

छठवें दिन ई मेल का जवाब, निदेशक ने लिखा- प्रो लहरी को आकर देख लीजिए
परिजनों ने प्रो लहरी की पिटाई के आरोपों का जो मेल बीएचयू प्रशासन को एक सितंबर की सुबह भेजा था उसका जवाब छठवें दिन रविवार को दिया गया है। आईएमएस बीएचयू के निदेशक की तरफ से लिखा गया है कि आपका मेल मिला है। हम प्रो लहरी की देखभाल कर रहे हैं। आपकी शिकायत के आधार पर जांच करा रहे हैं। उनकी सुरक्षा, देखभाल की व्यवस्था चिकित्सा अधीक्षक कर रहे हैं। अनुरोध है कि आप अपनी सुविधा के अनुसार आकर प्रो लहरी को देख लें। आपकी उपस्थिति से उन्हें बल मिलेगा। जल्द स्वस्थ होंगे।

अमर उजाला के द्वारा इस मामले को उठाने के बाद आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार और चिकित्सा अधीक्षक प्रो.पुनीत कुमार ने रविवार को आईसीयू में जाकर प्रो टीके लहरी से मुलाकात की है। राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, सपा नेता रीबू श्रीवास्तव और कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने उनसे जाकर मुलाकात की है। मेयर अशोक तिवारी ने वीसी से बात कर जांच करने को कहा है।

डॉक्टर लहरी कार्डियोथोरेसिक विभाग के इमेरिटिस हैं। जिसका मतलब है वो जीवनभर संस्थान को अपनी सेवा दे सकते हैं। उन्हें वहां आने से कोई मना नहीं कर सकता। 
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