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गंगा की लहरों पर छाई धुएं की सफेद धुंध

Tue, 12 Apr 2022 01:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Apr 2022 01:27 AM IST
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White mist of smoke covered the waves of the Ganges
गंगा की लहरों पर मोटरबोट के काले धुएं की सफेद धुंध का नजारा इन दिनों आम है। अस्सी से राजघाट के बीच गर्मी के मौसम में भी धुंध देखकर हर कोई हैरान है। शहर में बढ़ रहे वायु प्रदूषण का असर अब गंगा पर भी नजर आने लगा है। नदी विज्ञानियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में सर्दी की तरह गंगा में दिखने वाली धुंध चिंता का विषय है।
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अस्सी से राजघाट के बीच वायु प्रदूषण का स्तर इन दिनों बहुत ज्यादा है। गंगा की लहरों पर काला धुआं उगलती हुई नावों के कारण स्थितियां और गंभीर हो गई हैं। गंगा में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सीएनजी नावों का प्रस्ताव भी अभी तक पूरा नहीं हो सका है। गंगा में 17 सौ से अधिक नौकाओं का संचालन किया जाता है। इसमें से नौ सौ मोटर बोट हैं जिनमें से 370 नावों को सीएनजी में तब्दील किया जा चुका है।
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बीएचयू के नदी विज्ञानी प्रो. यूके चौधरी ने बताया कि हवा में वायु प्रदूषकों की मात्रा बढ़ने के कारण गंगा में धुंध नजर आ रही है। तापमान बढ़ने के बावजूद गंगा के सात किलोमीटर के दायरे में हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व भाप के साथ मिलकर एक परत बना रहे हैं। सुबह और शाम को न्यूनतम तापमान रोजाना 20 से 21 डिग्री सेल्सियस और दोपहर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच जा रहा है। नदी का जलस्तर जून में 57 मीटर के नीचे पहुंच जाता है लेकिन वर्तमान में मार्च व अप्रैल महीने में गंगा का जलस्तर 57 मीटर तक आ गया है। यह चिंता का विषय है।
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पूरे शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 110
इलाके वार एक्यूआई
अर्दली बाजार - 105
पीएम 2.5- 70
पीएम 10- 155
नाइट्रोजन आक्साइड- 138
ओजोन- 149
भेलूपुर -125
पीएम 2.5-104
पीएम 10-209
कार्बन-117
नाइट्रोजन आक्साइड-81
बीएचयू- 95
पीएम 2.5- 166
पीएम 10 -182
ओजोन -141
नाइट्रोजन आक्साइड- 74
सल्फर डाई आक्साइड- 38
कार्बन- 54
मलदहिया-116
पीएम 2.5-163
पीएम 10-206
नाइट्रोजन आक्साइड-142
कार्बन-152
मोटरबोट को सीनएजी नावों में बदलने में हो रही देरी
गंगा में डीजल से चलने वाली नावों को सीएनजी में बदलने में देरी हो रही रही है। मेकॉन के क्षेत्रीय निदेशक अजय दमथिया ने बताया कि ज्यादातर नाविक आवेदन करने में गड़बड़ियां कर रहे हैं। इसके अलावा सस्ता और फायदेमंद होने के बाद भी नाविक सीएनजी नावों पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। इसका प्रमुख कारण नाव में आ रही गड़बड़ी और उससे जुड़ी अफवाह सबसे बड़ा कारण है। अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार ने बताया कि काफी संख्या में नाविकों ने सीएनजी किट लगवाया है। नाविकों के साथ बैठक कर उन्हें सीएनजी से होने वाले फायदे के बारे में बताया जा रहा है।
कुल नाव 1700
मोटर बोट 900
सीएनजी 370
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