बीएचयू: दाखिले के लिए आवेदन की प्रक्रिया कब शुरू होगी? शिक्षा मंत्रालय के फैसले का इंतजार
कोरोना संकट के कारण काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में इस साल दाखिले के लिए आवेदन की प्रक्रिया कब से शुरू होगी, प्रवेश परीक्षा आदि के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं हो सका है। बीएचयू को इंतजार है शिक्षा मंत्रालय, यूजीसी से दिशा निर्देश मिलने का।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में यूजी, पीजी में होने वाले दाखिले के लिए अभी छात्रों को और इंतजार करना पड़ सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन भी अभी शिक्षा मंत्रालय के फैसले का इंतजार कर रहा है। इसके बाद ही इस दिशा में कोई फैसला लिया जा सकेगा। विश्वविद्यालय में इस साल दाखिले के लिए आवेदन की प्रक्रिया कब से शुरू होगी, प्रवेश परीक्षा आदि के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं हो सका है।
बीएचयू में यूजी, पीजी में प्रवेश के लिए हर साल वाराणसी सहित देश के विभिन्न जगहों से पांच लाख से अधिक अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। पिछले साल भी कोरोना काल में ऑनलाइन आवेदन के साथ ही ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा भी कराई गई थी। इस साल अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
बीएचयू पीआरओ सेल की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि देश के अन्य विश्वविद्यालय की तरह ही बीएचयू में भी स्नातक, स्नातकोत्तर पाठयक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया कोरोना के कारण प्रभावित हुई है। इस साल सीयूसीईटी (सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन इंट्रेस टेस्ट) के माध्यम से प्रस्तावित है।
इस बारे में अभी शिक्षा मंत्रालय, यूजीसी से कोई दिशा निर्देश नहीं मिला है। ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया संबंधी कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। विश्वविद्यालय की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि प्रवेश परीक्षा के संबंध में जो भी निर्णय लिया जाएगा वह कोविड महामारी की स्थिति की गंभीरता, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशानिर्देशों और छात्र हितों के मद्देनजर लिया जाएगा।
बीएचयू पशु चिकित्सा, पशु विज्ञान संकाय को मिली मान्यता
बीएचयू के बरकछा स्थित दक्षिणी परिसर में चलने वाले पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय को मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से मान्यता दी गई है। मंत्रालय की ओर से बीएचयू के कुलसचिव को भेजे गए पत्र में इसकी जानकारी दी गई है। इसमें यह बताया गया है कि भारतीय पशु चिकित्सा परिषद् द्वारा की गई सिफारिशों को भारत सरकार ने स्वीकार कर लिया है।