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संस्कृत भाषा के दो शब्दों का मेल है परमाणु
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वाराणसी। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के पूर्व कुलपति प्रो. पीयूष कांत दीक्षित ने कहा कि परमाणु संस्कृत भाषा के दो शब्दों का मेल है, परम अणु। परम अर्थात सर्वोत्कृष्ट तथा अणु का सबसे छोटा हिस्सा। वह बृहस्पतिवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के वेद विज्ञान अनुसंधान केंद्र की ओर से आयोजित वेद व्याख्यानमाला को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि परमाणु और अणु का स्थूल रूप से अर्थ एक ही है। पर चूंकि विज्ञान में अणु से लघु, उसके विभाजित अंगों को संबोधित किया गया है। इसलिए अविभाज्य परमाणु को अणु से भिन्न समझना गलत नहीं है। पूर्व कुलपति आचार्य पीयूषकांत ने कहा कि न्याय और वैशेषिक के मत से इन्हीं परमाणुओं के संयोग से पृथ्वी आदि द्रव्यों की उत्पत्ति हुई है। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने कहा कि प्राचीन और आधुनिक परंपरा के चिंतक के समन्वय से परमाणु के अन्वेषण पर कार्य होने से एक नवीन ज्ञानराशि प्राप्त होगी। इस दौरान प्रो. महेंद्र नाथ पांडेय, डॉ. सत्येंद्र कुमार, प्रो. अमित कुमार शुक्ल, प्रो. ब्रजभूषण ओझा, डॉ. मधुसूदन मिश्र व डॉ. राजा पाठक मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि परमाणु और अणु का स्थूल रूप से अर्थ एक ही है। पर चूंकि विज्ञान में अणु से लघु, उसके विभाजित अंगों को संबोधित किया गया है। इसलिए अविभाज्य परमाणु को अणु से भिन्न समझना गलत नहीं है। पूर्व कुलपति आचार्य पीयूषकांत ने कहा कि न्याय और वैशेषिक के मत से इन्हीं परमाणुओं के संयोग से पृथ्वी आदि द्रव्यों की उत्पत्ति हुई है। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने कहा कि प्राचीन और आधुनिक परंपरा के चिंतक के समन्वय से परमाणु के अन्वेषण पर कार्य होने से एक नवीन ज्ञानराशि प्राप्त होगी। इस दौरान प्रो. महेंद्र नाथ पांडेय, डॉ. सत्येंद्र कुमार, प्रो. अमित कुमार शुक्ल, प्रो. ब्रजभूषण ओझा, डॉ. मधुसूदन मिश्र व डॉ. राजा पाठक मौजूद रहे।
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