तीखे हुए सूरज के तेवर: वाराणसी में पारा 45 पार, अभी और बेचैन करेगा बढ़ता तापमान, मई के पहले पखवारे में बदल सकता है मौसम
वाराणसी समेत आसपास के जिलों में सूरज की तपिश और गर्म हवाओं के कारण जिंदगी पसीना-पसीना हो गई है। दोपहर से लेकर सूरज ढलने तक गर्म थपेड़ों के चलते सड़कों पर आवाजाही भी कम ही दिखाई दे रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी समेत पूर्वांचल के जिलों में सूरज की तल्खी बढ़ती जा रही है। बनारस में शुक्रवार को पारा एक बार फिर 45 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अधिकतम तापमान के साथ न्यूनतम तापमान भी 27.4 डिग्री जा पहुंचा। अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक और न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहा।
वातावरण में नमी का स्तर भी सामान्य से कम है। शुक्रवार को दोपहर के वक्त सड़कों पर कर्फ्यू जैसे हालात दिखे। जरूरी काम से निकले लोग भी छांव तलाशते दिखे। सड़के इतनी तप रही थीं कि खड़ा होना मुश्किल था। ऑटो, ई-रिक्शा, साइकिल-मोटरसाइकिल सवार, रिक्शेवाले, राहगीर गर्मी से बिलबिला गए। लोगों को प्यास से हलक सूख गए। गर्मी इतनी की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया।
मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय का कहना है कि मई के पहले पखवारे में बादलों की सक्रियता से बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं लेकिन गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है। हालांकि आगामी 20 दिनों के अंदर समुद्र तटीय इलाकों में मानसून दस्तक देगा।
इसकी वजह से पुरवा हवाओं का असर बढ़ेगा और प्री मानसून भी सक्रिय हो सकता है। मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय का कहना है कि पुरवा हवाओं का रुख बाधित होने के कारण वातावरण में नमी का असर कम हो रहा है। नमी कम होने के कारण बादलों की सक्रियता नहीं हो पा रही है। लोकल हीटिंग का असर होने के बाद भी हवाओं से नमी न मिलने की वजह से बादलों के आने की संभावनाएं कम नजर आ रही हैं।