Weather Update: बनारस में सावन से पहले मौसम मनभावन, इस सप्ताह भी अच्छी बारिश होने के आसार
बीते तीन चार दिनों में हुई बारिश के कारण वाराणसी समेत आसपास के जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार सुह से धूप निकली है लेकिन तपिश कम और उमस ज्यादा है। दोपहर बाद बारिश की संभावना है।
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बीते एक हफ्ते में हुई बारिश के कारण वाराणसी समेत आसपास के जिलों में मौसम मनभावन हो गया है। सावन की शुरुआत कल यानि मंगलवार से हो रही है। आज आसमान में बादलों का डेरा तो नहीं है लेकिन धूप की तपिश ना के बराबर है। तापमान कम है लेकिन उमस से परेशानी है। दोपहर बाद बारिश की संभावना है।
बीते दिन अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले एक पखवारे से अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार हो रहा था। धूप तेज होने से राहगीरों के साथ बेजुबान पशु-पक्षी भी परेशान थे। लेकिन चार-पांच दिन पहले मौसम बदल गया। मानसून की दस्तक के साथ ही बदरा झूमकर बरसे।
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जून में बरसे बदरा, जुलाई में बन सकता है रिकॉर्ड
जून में मानसून के बादल झूमकर बरसे। अब मौसम वैज्ञानिक जुलाई में भी औसत से अच्छी बारिश की संभावना जता रहे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों में बीते महीने जून में बारिश का औसत मानक 111 मिलीमीटर का रहा, उसकी तुलना में बारिश 130 मिलीमीटर हुई। मौसम विभाग के अनुसार जून से सितंबर तक का समय बारिश का माना जाता है।
इन चार महीनों में कुल 900 मिलीमीटर बारिश औसतन होनी चाहिए। वाराणसी समेत पूर्वांचल में 20 जून तक मानसून के पहुंचने का समय माना जाता है। इस साल 25 जून को मानसून ने दस्तक दी और पहले दिन झमाझम बारिश हुई। इसके बाद से रुक रुककर बारिश हो रही है। इधर अन्य दिनों की तुलना में रविवार को मौसम साफ रहा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पिछले 24 घंटे में 31.6 मिलीमीटर बारिश हुई है।
मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि जून माह में निर्धारित मानक से अधिक बारिश होना एक अच्छा संकेत है। मौसम वैज्ञानिक जुलाई में भी बारिश अच्छी होने के आसार जता रहे हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी जारी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार को जलस्तर 59.45 मीटर रहा।