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Varanasi News: कानपुर से कोलकाता तक शुरू होगा जलमार्ग यातायात
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गंगा रिवरफ्रंट के बाद अब महानगर से कोलकाता के बीच राष्ट्रीय जलमार्ग यातायात परियोजना की तैयारी शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय से इस परियोजना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए हरी झंडी मिल गई है। अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का काम शुरू होगा। जलमार्ग खुल जाने से माल का परिवहन सस्ता हो जाएगा। इससे लोगों को महंगाई से भी राहत मिलेगी।
मंडलायुक्त ने बताया कि सरकार प्रदेश में जलमार्ग को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। परियोजना का सर्वे कराने और अन्य प्रक्रियाओं के लिए आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों से विचार-विमर्श होगा। सांसद रमेश अवस्थी ने दो फरवरी को प्रधानमंत्री कार्यालय को यह प्रस्ताव भेजा था। कानपुर से वाराणसी तक जलमार्ग की दूरी 200 किलोमीटर है। वहीं सड़क मार्ग से यह दूरी 335 किमी के लगभग है। प्रस्ताव में एक समन्वित जलीय परिवहन प्रणाली स्थापित करने की बात है। इससे कार्गो परिवहन आसान हो जाएगा और यह रेल व सड़क मार्ग से 50 फीसदी सस्ता होगा। जलमार्ग से उत्पादों की कीमत में भी कमी आने की उम्मीद है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के लिए आर्थिक विकास का नया मार्ग खोलेगी। सरकार कारोबार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई परियोजनाएं शुरू करेगी।
राष्ट्रीय अंतर्देशीय नेविगेशन संस्थान
इस परियोजना के तहत कानपुर में राष्ट्रीय अंतर्देशीय नेविगेशन संस्थान (नीनी) की एक शाखा स्थापित होगी। यहां करीब दो हजार जलमार्ग कर्मचारियों को हर साल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें इंजन ड्राइवर, जहाज निर्माण कारीगर और कार्गो हैंडलिंग विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह केंद्र उत्तर प्रदेश सहित पूरे उत्तर भारत के युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करेगा।
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महानगर में जल्द शुरू होगा जल पर्यटन
गोरखपुर और लखनऊ की तरह कानपुर में भी जल पर्यटन के लिए शासन से बजट मिलने की उम्मीद है। इस संबंध में मंडलायुक्त की ओर से प्रयास किया जा रहा है। विशेष सचिव पर्यटन से इस संबंध में अप्रैल तक बजट मिलने की उम्मीद है। बजट मिलने के बाद इसमें तेजी से काम शुरू हो जाएगा। इसी तरह गंगा में जलमार्ग के जरिये अयोध्या को भी जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। गंगा और सरयू को लेकर इस परियोजना पर काम किया जाएगा।
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फोटो
कारोबार बढ़ने की संभावना
प्रस्ताव भेजने से पहले मंडलायुक्त व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर जलमार्ग के जरिये कानपुर के कारोबार बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया था। इसके लिए कुछ महीने पहले अधिकारियों के साथ बोट से जल यातायात मार्ग के लिए निरीक्षण किया गया था। जल्द ही इसके लिए अंतर्देशीय जल परिवहन कारपोरेशन के साथ भी बातचीत की जाएगी। - रमेश अवस्थी, सांसद महानगर
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पूर्व में जलस्तर की वजह से आई थी दिक्कत
आज से कई वर्ष पहले कानपुर से जल यातायात शुरू करने की योजना बनाई गई थी लेकिन गंगा में पूरे रास्ते कहीं-कहीं जल स्तर की कमी की वजह से इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जा सका था। इस बार परियोजना के शुरू करने के दाैरान जलस्तर के बिंदु पर विशेष फोकस किया जा रहा है। समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि जलमार्ग यातायात के लिए पर्याप्त जलस्तर को देखते हुए कालपी के पास से यमुना जलमार्ग के रास्ते इसे आगे बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। फिलहाल यह प्रस्ताव भी अभी शासन में लंबित है।
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मंडलायुक्त ने बताया कि सरकार प्रदेश में जलमार्ग को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। परियोजना का सर्वे कराने और अन्य प्रक्रियाओं के लिए आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों से विचार-विमर्श होगा। सांसद रमेश अवस्थी ने दो फरवरी को प्रधानमंत्री कार्यालय को यह प्रस्ताव भेजा था। कानपुर से वाराणसी तक जलमार्ग की दूरी 200 किलोमीटर है। वहीं सड़क मार्ग से यह दूरी 335 किमी के लगभग है। प्रस्ताव में एक समन्वित जलीय परिवहन प्रणाली स्थापित करने की बात है। इससे कार्गो परिवहन आसान हो जाएगा और यह रेल व सड़क मार्ग से 50 फीसदी सस्ता होगा। जलमार्ग से उत्पादों की कीमत में भी कमी आने की उम्मीद है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के लिए आर्थिक विकास का नया मार्ग खोलेगी। सरकार कारोबार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई परियोजनाएं शुरू करेगी।
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राष्ट्रीय अंतर्देशीय नेविगेशन संस्थान
इस परियोजना के तहत कानपुर में राष्ट्रीय अंतर्देशीय नेविगेशन संस्थान (नीनी) की एक शाखा स्थापित होगी। यहां करीब दो हजार जलमार्ग कर्मचारियों को हर साल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें इंजन ड्राइवर, जहाज निर्माण कारीगर और कार्गो हैंडलिंग विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह केंद्र उत्तर प्रदेश सहित पूरे उत्तर भारत के युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करेगा।
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महानगर में जल्द शुरू होगा जल पर्यटन
गोरखपुर और लखनऊ की तरह कानपुर में भी जल पर्यटन के लिए शासन से बजट मिलने की उम्मीद है। इस संबंध में मंडलायुक्त की ओर से प्रयास किया जा रहा है। विशेष सचिव पर्यटन से इस संबंध में अप्रैल तक बजट मिलने की उम्मीद है। बजट मिलने के बाद इसमें तेजी से काम शुरू हो जाएगा। इसी तरह गंगा में जलमार्ग के जरिये अयोध्या को भी जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। गंगा और सरयू को लेकर इस परियोजना पर काम किया जाएगा।
फोटो
कारोबार बढ़ने की संभावना
प्रस्ताव भेजने से पहले मंडलायुक्त व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर जलमार्ग के जरिये कानपुर के कारोबार बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया था। इसके लिए कुछ महीने पहले अधिकारियों के साथ बोट से जल यातायात मार्ग के लिए निरीक्षण किया गया था। जल्द ही इसके लिए अंतर्देशीय जल परिवहन कारपोरेशन के साथ भी बातचीत की जाएगी। - रमेश अवस्थी, सांसद महानगर
पूर्व में जलस्तर की वजह से आई थी दिक्कत
आज से कई वर्ष पहले कानपुर से जल यातायात शुरू करने की योजना बनाई गई थी लेकिन गंगा में पूरे रास्ते कहीं-कहीं जल स्तर की कमी की वजह से इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जा सका था। इस बार परियोजना के शुरू करने के दाैरान जलस्तर के बिंदु पर विशेष फोकस किया जा रहा है। समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि जलमार्ग यातायात के लिए पर्याप्त जलस्तर को देखते हुए कालपी के पास से यमुना जलमार्ग के रास्ते इसे आगे बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। फिलहाल यह प्रस्ताव भी अभी शासन में लंबित है।