Varanasi News: इस इलाके में फूटा पानी का फव्वारा, खोदाई की वजह से पाइप लाइन फटी; देर शाम तक होती रही मरम्मत
पेयजल की पाइप लाइन फट जाने से पूरी सड़क पानी से लबालब हो गई। इस कारण मार्ग पर आने-जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खबर लिखे जाने तक पाइप की मरम्मत होती रही।
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प्रभु नारायण राजकीय इंटर कॉलेज रामनगर के पास गुरुवार को पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने जेसीबी से सड़क की खोदाई कराई। इस दौरान पेयजल पाइप लाइन फट गई और पानी का फव्वारा फूट पड़ा। घंटे भर में सड़क पर हजारों लीटर पानी बर्बाद हो गया।
पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी व आसपास के लोगों ने जलकल विभाग को सूचना दी। विभाग ने तत्काल पेयजलापूर्ति बंद किया तब जाकर पानी का बहाव कम हुआ। देर शाम पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को ठीक करने में जुट रहे।
सड़क चौड़ीकरण कार्य के चलते लोक निर्माण विभाग ने जगह-जगह खोदाई कर रखी है। कई जगह सड़कें बन गई तो कई जगह वैसे ही खोद कर छोड़ दिया गया है। स्थानीय निवासी रणजीत सिंह चौहान, मुकेश यादव, राजेश कुमार, रमेश कुमार, नवीन कुमार व संजय सिंह ने बताया कि अकसर पीडब्ल्यूडी की ओर से कार्य के दौरान पेयजल की पाइप क्षतिग्रस्त हो जाती है।
कभी दो दिन तक पेयजलापूर्ति ही नहीं होती है। ठीक होने के बाद जब पेयजलापूर्ति होगी तो गंदा पानी आता है। जलकल के एई श्याम राज ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से बात हुई है। देर रात तक पाइप को ठीक कर दिया जाएगा तो शुक्रवार की सुबह पेयजलापूर्ति की जाएगी।
पोखरी का पानी दूषित, बीमारी फैलने की आशंका
ग्राम पंचायत सुल्तानपुर में रिहायशी बस्ती के बीच पोखरी के किनारे चारों तरफ कूड़ा, कचरा जमा है। पोखरी में पानी दूषित होकर बदबू दे रहा है। मक्खियों व मच्छरों की भरमार हो गई है। संक्रामक रोग फैलने की आशंका बनी हुई है। सारनाथ से सटे होने के नाते पर्यटकों का भी आना-जाना लगा रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत में लाखों की लागत से आरआरसी सेंटर का निर्माण कराया गया है जबकि कूड़ा कलेक्शन के लिए बैटरी चालित ई-रिक्शा भी खरीदा है। ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी कभी भी पूरी सफाई नहीं करते और कभी कूड़ा उठाने का काम नहीं करते।
ब्लॉक के एडीओ पंचायत कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को ड्रेस पहन कर गांव की साफ-सफाई करने और कूड़ा उठाकर आरआरसी सेंटर पर रखने का निर्देश दिया गया है। ऐसा नहीं करने वाले कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी।
असि नदी की मिट्टी और सिल्ट की शुरू हुई जांच
वीडीए की ओर से असि नदी के डिसिल्टिंग का कार्य कराया जाएगा। इसके लिए मिट्टी और सिल्ट की जांच शुरू की गई। इस कार्य में आईआईटी बीएचयू की मदद ली जा रही है। नदी के जीर्णोद्धार के तहत डिसिल्टिंग कार्य होना है। इससे नदी के चैनल की गहराई और जल निकासी की क्षमता को सुधारने में मदद मिलेगी।
वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग ने बताया कि कंदवा, कंचनपुर, गांधी नगर, संकट मोचन मंदिर पुल और एसटीपी के क्षेत्र में मिट्टी और अन्य अवशेषों की खोदाई की गई। बीएचयू आईआईटी टीम से कहा गया है कि यहां की जांच कर यह सुनिश्चित कर लें कि पूरे चैनल में किस गहराई तक डिसिल्टिंग का कार्य कराया जाना उचित होगा।