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Varanasi News: संपूर्णानंद विश्वविद्यालय में स्वाहाकार यज्ञ के लिए वेटिंग, 151 से अधिक आवेदन; जानें- विशेषता
Sun, 09 Jun 2024 03:43 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Sun, 09 Jun 2024 03:43 PM IST
सार
Varanasi News: राजस्थान के जोधपुर की संस्था श्रीशांति देवी पीठम और श्री कौशल्या देवी आश्रम विद्यापीठम ने नौ कुंडीय यज्ञ की शुरूआत कलश यात्रा के साथ की। यज्ञ अनुष्ठान के अग्निहोत्र आचार्य पुखराज बिस्सा सोमयाजी अग्निहोत्र पद्धति से यज्ञ कराएंगे। रविवार को अरणि मंथन से यज्ञ की अग्नि प्रज्ज्वलित होगी।
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में हवन करते बटुक।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के वेद विभाग में चल रहे चतुर्वेद स्वाहाकार महायज्ञ की ख्याति देश भर में फैल रही है। इसका ही नतीजा है कि देश भर की संस्थाएं इस महायज्ञ में आहुति देने के लिए आतुर हैं। अभी तक देश के कई राज्यों से 151 से अधिक आवेदन व अनुरोध महायज्ञ करने के लिए विश्वविद्यालय को मिल चुके हैं। प्राच्य विद्या की भूमि पर महायज्ञ करने का पहला अवसर राजस्थान की संस्था को मिला है।
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13 जून तक होने वाले अग्निहोत्र में विष्णु स्मरण, प्रायश्चित्त होम, दश विध स्नान, नंदी श्राद्ध, हेमाद्रि संकल्प, गणपति पूजन, प्रधान कुंड पूजन, पंच भू संस्कार, अग्नि स्थापना, नवग्रह पूजन, षोडश मातृका, सप्त धृत मातृका पूजन, नवग्रह पूजन, वास्तु मंडल पूजन, चतुर्षष्ठी योगिनी मंडल पूजन, क्षेत्रपाल पूजन, सर्वतो भद्र मंडल पूजन, अग्नि पूजन और रुद्र याम प्रतिष्ठान किया जाएगा।
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कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि विश्व कल्याण के लिए 88 दिनों से चल रहे चतुर्वेद स्वाहाकार महायज्ञ में देश की अनेक धार्मिक संस्थाओं ने जुड़ने का अनुरोध किया है। यज्ञ का प्रभाव इतना व्यापक और प्रचलित होता जा रहा है कि देश के अलग-अलग जगहों से लोग अध्यात्म और वैज्ञानिक भाव से जुड़ रहे हैं। वे अपने यहां के यज्ञों का संपादन भी यहां के यज्ञ से जुड़कर करने के लिए आवेदन और अनुरोध पत्र भेज रहे हैं।
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