{"_id":"62ab2480d1e411670b231606","slug":"violence-after-juma-namaz-up-madarsa-board-chairman-said-protest-should-be-held-in-a-democratic-and-peaceful-manner","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Violence After Juma Namaz: मदरसा बोर्ड के चेयरमैन बोले- लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Violence After Juma Namaz: मदरसा बोर्ड के चेयरमैन बोले- लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए विरोध
Thu, 16 Jun 2022 06:09 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Thu, 16 Jun 2022 06:09 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने पिछले शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद अलोकतांत्रिक हरकतों की निंदा की। साथ ही कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो इसके लिए हमें खास ध्यान रखना होगा।
विज्ञापन
डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद
- फोटो : सोशल मीडिया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने पूरे प्रदेश के मदरसों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों व शिक्षकों से मदरसों की तालीम पर ध्यान देने की खास अपील की है। मदरसों के बच्चों की शिक्षा अनुशासन के दायरे में रखकर दी जाए, ताकि बच्चों का सही विकास हो सके।
विज्ञापन
डॉ. जावेद ने पिछले शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद अलोकतांत्रिक हरकतों की निंदा की। साथ ही कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो इसके लिए हमें खास खयाल रखना होगा। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद का मुखिया होने के नाते अपील करता हूं कि किसी भी प्रकार का विरोध लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।
विज्ञापन
मदरसों द्वारा कोई भी अमानवीय हरकत परेशानी का सबब बन सकती है। इस्लाम में किसी की भी गलती पर उसे माफ कर देने का बहुत बड़ा मर्तबा है और गलती करने वाले ने माफी मांग कर अपने बयान को वापस ले लिया है तो विरोध का औचित्य भी नहीं बनता। कहा कि हम सब नमाज में क्या पढ़े कोई नहीं पूछेगा, लेकिन पढ़ने के बाद हमारा बर्ताव कैसा है यह सब देखेगा।
विज्ञापन
Trending Videos
रोजा रखें कोई नहीं जानेगा, लेकिन रोजा के वक्त हमारा व्यवहार कैसा है यह सब देखेगा। हम हज करें कोई नहीं पूछेगा लेकिन हज के बाद हम कैसे रहते हैं कितना सच बोलते हैं, हम कैसी जिंदगी जी रहे हैं यह सब देखेगा। डॉ. जावेद ने मुसलमान भाइयों से कहा कि कोई हमारी मजहबी किताबों को आकर नहीं पढ़ेगा कि अल्लाह और उसके रसूल ने क्या कहा और उन किताबों में क्या लिखा है?