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UP News: वीडीए ने की 45 बेसमेंट की जांच, 14 सील, 13 कोचिंग भी शामिल; दिल्ली कांड के बाद जागा वीडीए प्रशासन

Wed, 31 Jul 2024 09:49 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Wed, 31 Jul 2024 09:49 AM IST
सार

Varanasi News: दिल्ली में कोचिंग सेंटर में छात्रों की मौत के बाद वाराणसी में वीडीए प्रशासन की नींद खुल गई है। कोचिंग सेंटरों सहित अन्य संस्थानों में धड़ाधड़ छापेमारी की जा रही है। वीडीए के इस अभियान से हड़कंप का माहौल है।

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VDA inspected 45 basements in varanasi 14 sealed and 13 coaching institutes also included
रक्षक अकादमी दुर्गाकुंड के बेसमेंट की जांच करने पहुंची वीडीए की टीम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली के कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बनी लाइब्रेरी में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत के बाद वीडीए प्रशासन जागा है। बेसमेंट के गलत इस्तेमाल पर वीडीए ने शहर में अभियान चलाया। इस दौरान प्रवर्तन टीम ने 45 स्थानों के बेसमेंट की जांच की। 

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गलत इस्तेमाल होने पर 14 बेसमेंट सील कर दिए गए। इनमें 13 कोचिंग संस्थान शामिल हैं। इनके अलावा 19 बेसमेंट के मालिकों को तीन दिन में अनाधिकृत इस्तेमाल बंद कर वैधता प्रमाण पत्र पेश करने का नोटिस थमाया है। बाकी 12 को बेसमेंट में पार्किंग व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी गई।
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वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग की अगुवाई में वीडीए के बेसमेंट का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया गया। वीडीए सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा ने दुर्गाकुंड स्थित कई कोचिंग संस्थाओं पर छापेमारी की। सूचना मिलते ही कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया। 
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कागजात न दिखाने पर उन्होंने कोचिंग के बेसमेंट को सील कर दिया। कहा कि बेसमेंट का इस्तेमाल पार्किंग या स्टोर रूम के लिए होता है। यदि नियम विरुद्ध कुछ भी संचालित होगा तो कार्रवाई तय है। 

कहा कि जिन-जिन संस्थानों में सील की कार्रवाई की है, यदि कोई सील तोड़कर अन्य कार्य करेगा तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यह भी जांच की जाएगी कि आवासीय नक्शा पास कर किसी भवन का व्यवसायिक इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा है।

इन कोचिंग संस्थानों को वीडीए ने किया सील

  • जोन वन: शिवम इंस्टीट्यूट, आकांक्षा सेल्फ स्टडी लाइब्रेरी, शुभम डिजिटल लाइब्रेरी (कोयराजपुर), एनआर इंस्टीट्यूट (बैजलपट्टी) के अवैध बेसमेंट को सील किया गया।
  • जोन टू: एसएस ट्यूटोरियल महादेवनगर आशापुर सारनाथ, आशा अकादमी बलुआ रोड के अवैध बेसमेंट को सील किया गया। इंटायर एजुकेशन तिलमापुर बलुआ रोड सारनाथ, आधार इंस्टीट्यूट आशापुर को नोटिस जारी किया गया।
  • जोन फोर: दुर्गाकुंड भेलूपुर स्थित जेआरएस कोचिंग के अनाधिकृत बेसमेंट को सील किया गया। रक्षक अकादमी दुर्गाकुंड, डिजाइन कोचिंग दुर्गाकुंड, माई क्लासेस कबीरनगर के बेसमेंट को सील किया गया।
  • जोन फाइव : प्रिवेल कोचिंग क्लासेस मुगलसराय के अनाधिकृत बेसमेंट को सील किया गया।


बेसमेंट का इस्तेमाल सही कराएं अधिकारी: वीडीए उपाध्यक्ष
वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग ने मंगलवार को बैठक कर प्रवर्तन टीम को आदेश दिए कि हर जोन में जांच कर कार्रवाई करें। साथ ही मानचित्र जांच कर तीन दिन के भीतर बेसमेंट का इस्तेमाल सही तरीके से कराएं। अंतिम अवसर देने के लिए उन्हें नोटिस थमाएं। तीन दिन में यदि कोई सुधार न हो तो तत्काल सील करें। बैठक में सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, अपर सचिव डॉ. गुडाकेश शर्मा, संयुक्त सचिव परमानंद यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

VDA inspected 45 basements in varanasi 14 sealed and 13 coaching institutes also included
जांच करने पहुंची वीडीए की टीम। - फोटो : अमर उजाला

अपर मुख्य सचिव आवास ने दिए बेसमेंट के जांच के आदेश
अपर मुख्य सचिव आवास एवं शहरी नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण ने बेसमेंट में जलभराव से होने वाली दुर्घटनाओं को ध्यान में रखकर सावधानी बरतने का आदेश दिया है। इसके तहत बेसमेंट की जांच कर विधिक कार्रवाई और सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

इसके तहत जोनल अधिकारी, सहायक अभियंता और अवर अभियंता की टीम को पार्किंग वाले स्थान बेसमेंट के अन्य इस्तेमाल की जांच व निगरानी करने को कहा है। हर हाल में बेसमेंट का इस्तेमाल स्वीकृत मानचित्र के अनुसार हो। यदि मौके पर बेसमेंट का गलत इस्तेमाल करते हुए पाया जाए तो कार्रवाई की जाए।

शहर के 170 बेसमेंट में अवैध कोचिंग, लाइब्रेरी, अस्पताल, रेस्टोरेंट और शोरूम
शहर में 170 से अधिक भवनों के बेसमेंट में कोचिंग, स्कूल, अवैध लाइब्रेरी, क्लासरूम, कैंटीन, अस्पताल, पैथोलाजी, शोरूम, रेस्टोरेंट और दुकानें धड़ल्ले से चल रही हैं। इनमें कई भवनों के बेसमेंट में सीपेज और खुले तारों से करंट का खतरा मंडरा रहा है। 

ज्यादातर बेसमेंट में सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए गए हैं। यहां तक की जोरदार बारिश के दौरान इसमें पानी भर जाता है। आग लगने की घटना से बचाव के लिए भी कोई उपकरण नहीं हैं।

बीते तीन साल पहले वीडीए ने बेसमेंट के खिलाफ अभियान चलाया था। उस दौरान कुछ कार्रवाई भी की गई थी लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। 45 बेसमेंट भवन स्वामियों को पहले नोटिस दिया जा चुका है। इसके बावजूद भवन स्वामियों की मनमानी जारी है। 

इन भवनों के बेसमेंट में आने-जाने का एक ही रास्ता है। आपातकालीन निकास नहीं है। बिजली के पैनल व तार खुले पड़े हैं। कई के पास फायर एनओसी तक नहीं है। शहर के बीचोंबीच ही नहीं बल्कि कई पॉश इलाकों का हाल यही है।

बोले अधिकारी
बेसमेंट का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। तीन दिन के भीतर यदि वे बेसमेंट का इस्तेमाल पार्किंग और स्टोर के लिए नहीं करेंगे तो बड़ी कार्रवाई होगी। पूर्व में जारी नोटिस के आधार पर भी कार्रवाई होगी। - पुलकित गर्ग, उपाध्यक्ष, वीडीए

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