वाराणसी मौसम अपडेट: साइक्लोनिक सर्कुलेशन के बढ़े दबाव से बदला मिजाज, उमस से राहत, अगले दो-तीन दिन ऐसा ही रहेगा मौसम
साइक्लोनिक सर्कुलेशन का बढ़े दबाव की वजह से मंगलवार की रात झमाझम बारिश हुई। इससे तापमान में भी गिरावट आई है। साथ ही दिन भर नम पुरवा हवाएं चलती रहीं। बुधवार को भी ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है।
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आंध्र प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने रहने का दबाव पूर्वांचल पर बढ़ता जा रहा है। यहीं कारण है कि दो दिन से मौसम का मिजाज भी तेजी से बदला है। बुधवार की सुबह भी मौसम सुहावना हो गया है। बादल छाए हुए हैं, और धूप भी नहीं है। जिससे लोगों उमस से राहत मिलेगी।
सोमवार को बूंदाबांदी होने के बाद मंगलवार को दिनभर बादलों की आवाजाही जारी रहने के साथ ही नम पुरवा हवाएं चलती रही। देर शाम अचानक मौसम का मिजाज बदला और गरज-चमक संग झमाझम बारिश हुई। इससे उमस से तो राहत मिली लेकिन शहर के कई इलाकों में जलभराव से लोगों की मुसीबत बढ़ गई।
सितंबर के महीने में भी तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के ऊपर है। पिछले तीन चार दिनों से धूप इतनी तेज होने के साथ हवा भी नहीं चल रही थी। इस वजस से उमस भी अधिक लग रही थी। सोमवार से ही मौसम में कुछ बदलाव दिखने लगा था। मंगलवार को दिन के मुकाबले शाम को हवा की रफ्तार भी तेज हो गई।
इस बीच शाम करीब सवा सात बजे आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे भिखारीपुर, सिगरा, नई सड़क, बेनिया, भेलूपुर, सिगरा, लहुराबीर, लहरतारा आदि इलाकों में जलभराव हो गया।
मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि आंध्र प्रदेश पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने रहने और बंगाल की खाड़ी से नम हवाओं के चलने की वजह से ही मौसम बदला है। इस वजह से ही बारिश हुई हैं। अभी इसी तरह का मौसम दो-तीन दिन बने रहने की संभावना है।
इधर मौसम में बदलाव की वजह से तापमान में भी कमी देखने को मिली। सोमवार को अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस की जगह 33.6 और न्यूनतम तापमान 26.1 की तुलना में 25.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।