वाराणसी: केरल में औद्योगिक, तकनीकी नवाचार से रूबरू हुए यूपी के युवा, देखा हेरिटेज विलेज; युवाओं का दौरा
केरल के शैक्षिक दौरे पर गए उत्तर प्रदेश के युवाओं ने वहां के औद्योगिक विकास, तकनीकी नवाचार और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखा। युवाओं ने हेरिटेज विलेज का भी भ्रमण किया। बीएचयू के पत्रकारिता विभाग के शिक्षक के नेतृत्व में यह दौरा 16 नवंबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य युवाओं को विकास और नवाचार के नए आयामों से परिचित कराना है।
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एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत चल रहे युवा संगम में यूपी टीम में शामिल युवा केरल में औद्योगिक, तकनीकी नवाचार से रूबरू हुए। यूपी टीम का नेतृत्व कर रहे बीएचयू में पत्रकारिता विभाग के शिक्षक डॉ. बाला लखेंद्र के साथ टीम के सदस्य 16 नवंबर तक रहेंगे। दौर के दौरान बीएचयू सहित अन्य विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने केरल में कलपाथी हेरिटेज विलेज देखा। साथ ही एफसीआरआई और परांबीकुलम का दौरा किया।
युवा संगम के तहत बीएचयू सहित अन्य संस्थानों से चयनित 50 युवाओं की टीम का दौरा 2 नवंबर से शुरू है जो 16 तक चलेगा। डॉ. बाला लखेंद्र के नेतृत्व में टीम इन दिनों केरल में हैं।
डॉ. बाला लखेंद्र ने बताया कि शनिवार को युवा पारंपरिक अग्रहारम संस्कृति से रूबरू होने के साथ ही ऐतिहासिक विशालाक्षी समेत विश्वनाथ स्वामी मंदिर पहुंचे और स्थानीय परिवेश से रूबरू हुए। टीम के सदस्यों ने द्रव नियंत्रण अनुसंधान संस्थान में औद्योगिक व तकनीकी नवाचारों को भी समझा। यहां फ्लो मीटरिंग, औद्योगिक परीक्षण, द्रव प्रवाह प्रौद्योगिकी के बारे में जानकारी हासिल की।
साथ ही परांबीकुलम टाइगर रिजर्व में जैव विविधता और ‘कन्निमारा सागौन’ का भी अध्ययन करने का मौका मिला। विशेष रूप से विश्व के सबसे विशाल और प्राचीन प्राकृतिक सागौन वृक्षों में शामिल ‘कन्निमारा टीक’ का अवलोकन किया, जिसे भारत सरकार द्वारा ‘महावृक्ष पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा चुका है। डॉ. बाला लखेंद्र ने उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए इस समग्र अध्ययन दौरे को शिक्षाप्रद, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और प्रेरणादायक बताया।