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लॉकडाउन में सुकून घोल रहे ठुमरी और दादरा के सुर
Fri, 22 May 2020 12:54 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 22 May 2020 12:54 AM IST
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शास्त्रीय गायक पं. गणेश प्रसाद मिश्र।
- फोटो : अमर उजाला।
लॉकडाउन ने जहां जीवन की रफ्तार को थाम लिया है वहीं कलाकारों के लिए यह सुनहरे समय से कम नहीं है। कला की साधना के साथ ही खुद को साधने के लिए लॉकडाउन के समय का बेहतर इस्तेमाल किया जा रहा है।
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युवा कलाकार जहां प्रशिक्षण ले रहे हैं वहीं गुरु भी शिष्यों की ऑनलाइन क्लास भी ले रहे हैं। रामापुरा में रहने वाले शास्त्रीय गायक पं. गणेश प्रसाद मिश्र ने लॉकडाउन में संगीत के प्रशिक्षुओं के लिए निशुल्क ऑनलाइन संगीत प्रशिक्षण की शुरुआत की है। उनके शिष्यों में बच्चे और बुजुर्ग दोनों शामिल हैं।
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सुबह 10 बजे से एक बजे तक चलने वाले ऑनलाइन संगीत के प्रशिक्षण में बच्चे स्वर साधना, दसों थाट, ताल का ज्ञान, राग पद्धति और रागों पर आधारित पुराने गीत और भजन का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसके अलावा वह अपने पिता ठुमरी सम्राट पं. महादेव प्रसाद मिश्र की सांगीतिक विरासत को भी नई पीढ़ी में बांट रहे हैं। ठुमरी और दादरा के सुरों से बच्चों में रचनात्मक परिवर्तन भी देखने को मिल रहा है।
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वर्तमान में संगीत के प्रशिक्षुओं की संख्या 40 है। पं. गणेश प्रसाद मिश्र का कहना है कि लॉकडाउन में हर कोई मानसिक रूप से परेशान है। संगीत है जो हमको सुकुन देता है। बच्चों की परेशानियों को देखते हुए मैंने यह शुरुआत की है। बच्चों के साथ ही कुछ बुजुर्ग भी संगीत का प्रशिक्षण ले रहे हैं। मैंने सौ शिष्यों को ऑनलाइन निुशल्क शिक्षा का लक्ष्य रखा है।