वाराणसी सड़क हादसा: छोटे-बड़े भाई और दो भाभियों का शव लेने पहुंचे मझले भाई ने बताया, आखिरी बार क्या बात हुई?
वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरही गांव में सड़क हादसे में भगवान दास के बड़े भाई महेंद्र वर्मा व छोटे भाई दामोदर वर्मा भाभी चंद्रकली व निर्मला देवी सहित आठ लोगों की मौत हो गई।
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बड़े भैया से मंगलवार की रात बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि हम लोग खाना खा लिए हैं। अब बस घर के लिए निकलने की तैयारी है। हमें नहीं पता था कि भैया से यह हमारी आखिरी बात होगी और अगली सुबह हमें हमारे दो भाइयों व दो भाभियों की मौत की मनहूस खबर मिलेगी। यह कहते हुए भगवान दास बुधवार की रात शिवपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर बिलखने लगे। भगवान दास के साथ आए लोगों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें संभाला।
वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरही गांव में सड़क हादसे में भगवान दास के बड़े भाई महेंद्र वर्मा व छोटे भाई दामोदर वर्मा भाभी चंद्रकली व निर्मला देवी सहित आठ लोगों की मौत हो गई। फूलपुर थाने की पुलिस की सूचना पर भगवान दास परिजनों और करीबियों के साथ रात 9:30 बजे शिवपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। भगवान दास ने कहा कि हमारा पूरा परिवार उजड़ गया। न जाने किसकी नजर हमारे परिवार को लग गई। हमारे दो भाइयों के बच्चे अब किसके सहारे और कैसे रहेंगे? कैसे उनकी गुजर-बसर होगी? भगवान दास ने कहा कि अपने भतीलों-भतीजियों के बारे में सोच कर कलेजा फट जा रहा है। मासूम शांती स्वरूप इस हादसे के सदमे से कैसे उबरेगा, समझ में नहीं आ रहा है।
छोटे भाई ने कहा था बुधवार की सुबह निकलेंगे
सड़क हादसे में विपिन यादव और उसकी मां गंगा देवी की भी मौत हुई है। भाई पवन यादव ने कहा कि मंगलवार की रात छोटे भाई विपिन से बात हुई थी। उसने कहा था कि बुधवार की सुबह गया से निकलेंगे। मां के साथ विपिन पिताजी का श्राद्ध कर्म करने गया था। अगर सभी बुधवार की सुबह चले होते तो शायद हादसे का शिकार नहीं होते। पवन ने बताया कि प्लंबर का काम करने वाला विपिन दो मासूम बच्चों का पिता था। वहीं, राजेंद्र सिंह यादव के बेटे विपिन ने बताया कि उसके पिता महेंद्र और दामोदर के परिचित होने के कारण गया गए थे।
पहली बार एकसाथ आठ शव का पोस्टमार्टम
शिवपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस में पहली बार एकसाथ आठ शव का पोस्टमार्टम हुआ। जिलाधिकारी के आदेश से बुधवार की रात पोस्टमार्टम करने पहुंचे डॉक्टरों ने कहा कि यह हादसा बहुत ही दुखद है। उन्होंने वाराणसी में अब तक की तैनाती के दौरान सड़क हादसे में एकसाथ इतनी मौत नहीं देखी थी।