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वाराणसी: रक्षा संपदा की 160 एकड़ जमीन के लिए विनियम पर जोर, शहर का होगा विकास; नगर निगम ने लिखा पत्र

Sat, 29 Aug 2026 10:52 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 29 Aug 2026 10:52 AM IST
सार

वाराणसी में विकास कार्यों के लिए रक्षा संपदा की 160 एकड़ जमीन के विनिमय पर जोर दिया जा रहा है। नगर निगम ने प्रयागराज रक्षा संपदा अधिकारी को पत्र भेजा है। बदले में समान मूल्य की भूमि देने का प्रस्ताव है। पार्किंग, ट्रैफिक प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं के विकास में इससे मदद मिलने की उम्मीद है।

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Varanasi regulations regarding 160 acres of Defence Estates land pave way city development nagar nigam letter
नगर निगम वाराणसी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर में विकास कार्यों को गति देने और यातायात व जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए रक्षा संपदा की 160 एकड़ जमीन के विनिमय की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। नगर निगम इस भूमि के बदले संबंधित विभागों को समान मूल्य की अपनी भूमि देने की तैयारी में है। इसके लिए नगर निगम की ओर से प्रयागराज रक्षा संपदा अधिकारी को पत्र भेजा गया है।

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नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, शहर के बीचोंबीच रक्षा संपदा विभाग और रेलवे से जुड़ी महत्वपूर्ण भूमि का विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। भूमि विनिमय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यहां पार्किंग, ट्रैफिक प्रबंधन और अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित योजनाओं को आकार देने में मदद मिलेगी। इससे शहर में यातायात दबाव कम करने और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने का रास्ता साफ होगा।
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नगर निगम के मुताबिक, करीब 160 एकड़ भूमि वर्ष 1894 में नगर निगम को हस्तांतरित की गई थी। यह भूमि इंट्रा म्युनिसिपल नजूल श्रेणी में आती है। इसके प्रबंधन पर नगर निगम अधिनियम, 1959 और उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के प्रावधान लागू होते हैं।

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पिछले दिनों यह भी तय किया गया था कि रक्षा संपदा की इस 160 एकड़ भूमि पर किसी भी तरह के अवैध निर्माण, अतिक्रमण और मानचित्र स्वीकृति के मामलों में संबंधित कानूनी प्रावधान लागू होंगे। मानचित्र स्वीकृत कराने से पहले भू-स्वामी को रक्षा मंत्रालय और नगर निगम से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा।

अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में होने वाले अतिक्रमण और अवैध निर्माण को हटाने तथा उन्हें नियंत्रित करने का अधिकार नगर निगम और वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के पास रहेगा। भूमि के उपयोग को लेकर प्रशासनिक स्तर पर पहले रही अस्पष्टता को भी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर में विकास कार्यों के लिए रक्षा संपदा विभाग से पत्राचार किया गया है। उनका कहना है कि भूमि से जुड़े विषयों का समाधान होने के बाद शहर में एकीकृत विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में सुविधा होगी। इससे पार्किंग, यातायात प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध हो सकेगी।

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