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वाराणसी में मनचलों की खैर नहीं, छेड़खानी के चिह्नित जगहों पर पुलिस की विशेष तैयारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 10 Sep 2018 04:40 PM IST
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वाराणसी में आए दिन छात्राओं-महिलाओं से छेड़खानी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। एंटी रोमियो स्क्वायड होने के बाद भी छेड़खानी की घटनाएं थम नहीं रही। ऐसे में वाराणसी पुलिस ने शोहदों से निपटने के लिए खास तैयारी की है। छेड़खानी जैसी वारदात के लिए चिह्नित स्थान अब महिला दरोगा और आरक्षियों की निगहबानी में होंगे।
महिला दरोगा और आरक्षी ऐसे चिह्नित स्थानों पर औचक निरीक्षण कर अवांछनीय तत्वों की धरपकड़ करेंगी। इसके अलावा अपने क्षेत्र के स्कूल-कॉलेज में जाकर छात्राओं से बातचीत कर उनसे छेड़खानी जैसी शिकायतों की जानकारी लेंगी और प्रकरण को सार्वजनिक किए बगैर शोहदों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करेंगी।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने रविवार को बताया कि महिला सम्मान प्रकोष्ठ का पुनर्गठन किया गया है। इसका नोडल आफिसर सीओ क्राइम स्नेहा तिवारी को बनाया गया है। कहा कि जिस तरह से बीट आरक्षी होते हैं, उसी तरह से अब जिले के 25 थानों में तैनात महिला आरक्षियों की भी बीट होगी।
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महिला दरोगा और आरक्षी ऐसे चिह्नित स्थानों पर औचक निरीक्षण कर अवांछनीय तत्वों की धरपकड़ करेंगी। इसके अलावा अपने क्षेत्र के स्कूल-कॉलेज में जाकर छात्राओं से बातचीत कर उनसे छेड़खानी जैसी शिकायतों की जानकारी लेंगी और प्रकरण को सार्वजनिक किए बगैर शोहदों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करेंगी।
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एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने रविवार को बताया कि महिला सम्मान प्रकोष्ठ का पुनर्गठन किया गया है। इसका नोडल आफिसर सीओ क्राइम स्नेहा तिवारी को बनाया गया है। कहा कि जिस तरह से बीट आरक्षी होते हैं, उसी तरह से अब जिले के 25 थानों में तैनात महिला आरक्षियों की भी बीट होगी।
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छात्राओें को आत्मरक्षा का गुर सिखाया जाएगा
महिला आरक्षियों की बीट छेड़खानी जैसी वारदातों के चिह्नित स्थानों के आधार पर निर्धारित की जाएगी। महिला आरक्षी और उनकी प्रभारी दरोगा स्कूल और कॉलेज में जाकर सौ नंबर, 1090, यूपी पुलिस की ट्विटर सेवा आदि की जानकारी देकर छात्राओं को सुरक्षा के तौर-तरीके बताएंगी।
छात्राओें को आत्मरक्षा का गुर सिखाया जाएगा और इसके लिए उनका समूह भी बनाया जाएगा। इसके अलावा स्कूल-कॉलेज की छात्राओं और महिलाओं का व्हाट्स एप ग्रुप बनाया जाएगा, जिससे महिला अपराध से जुड़ी जानकारी और सुझाव वे महिला आरक्षियों और दरोगा को दे सकें।
एसएसपी ने बताया कि इस सप्ताह में यह कवायद मूर्त रूप ले लेगी। इस कवायद से थानों में तैनात महिला आरक्षियों और दरोगा की कार्यक्षमता का सदुपयोग हो सकेगा।