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काशी विश्वनाथ मंदिर में महिला श्रद्धालु संग दुर्व्यवहार के आरोपी सिपाही को हटाया

Thu, 04 Oct 2018 12:03 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Thu, 04 Oct 2018 12:03 PM IST
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Varanasi police remove accused soldier of misbehaving with women devotee in kashi vishwanath temple
amarujala - फोटो : amarujala
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में बच्चे को स्तनपान कराने के दौरान महिला डॉक्टर से दुर्व्यवहार के आरोपी फायर सर्विस के कांस्टेबल अनिल उपाध्याय को वापस फायर सर्विस स्टेशन चेतगंज भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार जांच में महिला के स्तनपान कराने के दौरान कांस्टेबल द्वारा वीडियो रिकार्डिंग की बात गलत पाई गई है।
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नोएडा से डॉक्टर दंपति सोमवार की शाम विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने आए थे। महिला डॉक्टर का आरोप है कि उनके दुधमुंहे बच्चे को भूख लगी थी तो वो मंदिर परिसर में कंट्रोल रूम के बाहर रखी कुर्सी पर बैठ गई।
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पढ़ें : काशी विश्वनाथ मंदिर में बच्चे को दूध पिला रही मां के साथ दुर्व्यवहार, सिपाही बनाने लगा वीडियो
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इसके साथ ही बच्चे को स्तनपान कराने लगीं। इसी दौरान एक सिपाही आया और उठ कर जाने को कहा। इस पर उन्होंने दो मिनट रुकने के बाद चले जाने की बात कही तो सिपाही दुर्व्यवहार पर उतारू हो गया।

महिला डॉक्टर के अनुसार जब वो कुर्सी से नहीं उठी तो सिपाही अपनी जेब से मोबाइल निकाल कर उनकी वीडियो रिकार्डिंग करने लगा। इस पर वो कुर्सी से उठी और सिपाही का मोबाइल छीन लिया। इसकी शिकायत उन्होंने मौजूद डिप्टी एसपी से की तो उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया और तब जाकर वो मंदिर के सीईओ से मिलीं।

इस संबंध में एसपी ज्ञानवापी सुरक्षा शैलेंद्र कुमार राय ने बताया कि सिपाही को उसके मूल तैनाती स्थल भेज दिया गया है। डिप्टी एसपी से जवाब तलब किया गया है। जांच पूरी हो जाने पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।  

लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मी हटाएं जाएंगे

Varanasi police remove accused soldier of misbehaving with women devotee in kashi vishwanath temple
गेट पर तैनात जवान
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में लंबे समय से तैनात पुलिस कर्मियों को उनके मूल तैनाती स्थल पर वापस भेजा जाएगा। श्रद्धालुओं के साथ बार-बार दुर्व्यवहार की शिकायतें और विवाद सामने आने पर यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही अब मंदिर परिक्षेत्र में तैनाती के लिए प्राथमिकता उन पुलिसकर्मियों को दी जाएगी जो अपने अच्छे आचरण, व्यवहार और सभ्य तरीके से बातचीत का भरोसा अधिकारियों को दे सकें।

विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार संबंधी शिकायतों पर प्रदेश सरकार और डीजीपी का सख्त रुख देख एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री कई बार नाराजगी जताने के साथ ही चेतावनी भी दे चुके हैं। एडीजी जोन ने एसएसपी और एसपी ज्ञानवापी सुरक्षा को दो टूक कहा है कि श्रद्धालुओें के साथ दुर्व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बता दें कि विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में सीआरपीएफ और पीएसी के जवानों के अलावा आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में वाराणसी जोन के दस जिलों के पांच सौ से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए जाते हैं। एक पुलिसकर्मी की अधिकतम तीन माह की ड्यूटी मंदिर परिक्षेत्र में लगाई जाती है। इसके बाद मूल तैनाती स्थल वाले जनपद के पुलिस अधीक्षक की अनुमति से ड्यूटी की अवधि बढ़ सकती है।

इस संबंध में एसपी ज्ञानवापी सुरक्षा शैलेंद्र कुमार राय ने बताया कि जिस पुलिसकर्मी की भी दुर्व्यवहार की शिकायत आती है उसे दंडित किया जाता है। स्वास्थ्य सहित अन्य कारणों का हवाला देकर मंदिर परिक्षेत्र में कुछ लोग लंबे समय तक तैनात रह जाते हैं। ऐसे लोगों को सूचीबद्ध कर उन्हें उनके जिले में वापस भेजा जाएगा। 

बाबा के गर्भगृह में बड़े पात्र से नहीं होगा अभिषेक

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काशी विश्वनाथ मंदिर
बाबा विश्वनाथ मंदिर में अब बड़े पात्र से जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक नहीं होगा। इसके लिए छोटे पात्र से ही जलाभिषेक करना पड़ेगा। यह निर्णय मंदिर प्रशासन ने शिवलिंग की सुरक्षा को देखते हुए लिया है। इसका पालन भी बुधवार से शुरू हो गया है।

 

श्रद्धालु कलश और गगरा में गंगाजल, बड़ी बाल्टी में दूध के अलावा गन्ने का रस आदि लेकर पूजा करने गर्भ गृह में पहुंच जाते हैं। ऐसी स्थिति में हाथ गीला होने से बड़े पात्र के फिसलने से शिवलिंग को खतरा रहता है। 

 

इसको लेकर न्यास परिषद के बैठक में बड़े पात्र को अंदर ले जाने पर रोक लगाने का आदेश जारी हुआ था। जिसका पालन मंदिर प्रशासन ने शुरू करा दिया है। इस नियम का नोटिस पूरे मंदिर परिसर और परिसर के बाहर भी लगा दिया गया।

 

विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि बड़े पात्र से श्रद्धालुओं के चोटिल होने और विग्रह के क्षतिग्रस्त होने की आशंका थी। इसलिए प्रतिबंधित किया गया है। अधिकतम आधा लीटर का पात्र ही ले जाया जा सकेगा।

सुरक्षाकर्मी पर पैसा मांगने का श्रद्धालु ने लगाया आरोप

Varanasi police remove accused soldier of misbehaving with women devotee in kashi vishwanath temple
Police
मंडुवाडीह निवासी नीरज दुबे ने मंदिर की सुरक्षा में तैनात एक सिपाही पर पैसा मांगने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत ट्वीटर के माध्यम से की गई है। इस शिकायत के बाद चौक थाने के अधिकारियों ने जांच की और मौके पर जाकर तैनात सुरक्षाकर्मियों से बात किया तो उन्होंने अपने पर लगे आरोप को गलत बताया।

उन्होंने कहा कि हमने उनसे पैसे नही मांगे थे, बल्कि कहा था कि आपको सुलभ दर्शन करना हो तो मंगला आरती का टिकट ले ले या फिर तत्काल दर्शन करना हो तो 300 रुपये का वीआईपी टिकट लें। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षाकर्मी ने पैसे मांगने की जगह 300 रुपये का टिकट लेने की बात कही थी, लेकिन श्रद्धालु को गलत समझ में आया। 
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