{"_id":"59df9d204f1c1b76678b5609","slug":"varanasi-police-police-arrest-mastermind-of-fraud-gang","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बाबतपुर एयरपोर्ट से ठग गिरोह का सरगना गिरफ्तार, बड़े लोगों को बनाता था शिकार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाबतपुर एयरपोर्ट से ठग गिरोह का सरगना गिरफ्तार, बड़े लोगों को बनाता था शिकार
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 13 Oct 2017 10:36 AM IST
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पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही टिकट लेने गया साथी भागा
- फोटो : twitter
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वाराणसी के बाबतपुर स्थित लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से गुरुवार को पुलिस ने अंतरराज्यीय ठग गिरोह के सरगना विजय कुमार विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया है। वह जौनपुर के सिकरारा के रीठी का रहने वाला है।
विजय के पास से 90 हजार रुपये, दो मोबाइल और फर्जी आईडी पर लिए गए सिम बरामद हुए। उसकी गिरफ्तारी की भनक लगते ही टिकट लेने गया उसका दोस्त जौनपुर के बक्शा के सुगूलपुर का राणा प्रताप सिंह भाग निकला।
एसपी ग्रामीण अमित कुमार ने गुरुवार को पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताया कि अध्यापकों, डॉक्टरों और बड़े कारोबारियों को ठगने वाले गिरोह की लगातार शिकायतें आ रहीं थी।
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इसी दौरान हाथी बाजार के डॉ. राधेश्याम चौहान ने जंसा थाने में ठगी का मुकदमा दर्ज कराया। सीओ सदर अंकिता सिंह के नेतृत्व में जंसा थानाध्यक्ष की टीम गठित कर सर्विलांस की मदद से विजय को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में विजय ने बताया कि वह नई दिल्ली और फिर वहां से विदेश भागने वाला था। विजय ने बताया कि वह डॉक्टरों को दवा फैक्ट्री में महीने में चार दिन की ड्यूटी के बदले 30 से 40 हजार रुपये देने का लालच देकर ठगता था।
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विजय के पास से 90 हजार रुपये, दो मोबाइल और फर्जी आईडी पर लिए गए सिम बरामद हुए। उसकी गिरफ्तारी की भनक लगते ही टिकट लेने गया उसका दोस्त जौनपुर के बक्शा के सुगूलपुर का राणा प्रताप सिंह भाग निकला।
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एसपी ग्रामीण अमित कुमार ने गुरुवार को पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताया कि अध्यापकों, डॉक्टरों और बड़े कारोबारियों को ठगने वाले गिरोह की लगातार शिकायतें आ रहीं थी।
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इसी दौरान हाथी बाजार के डॉ. राधेश्याम चौहान ने जंसा थाने में ठगी का मुकदमा दर्ज कराया। सीओ सदर अंकिता सिंह के नेतृत्व में जंसा थानाध्यक्ष की टीम गठित कर सर्विलांस की मदद से विजय को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में विजय ने बताया कि वह नई दिल्ली और फिर वहां से विदेश भागने वाला था। विजय ने बताया कि वह डॉक्टरों को दवा फैक्ट्री में महीने में चार दिन की ड्यूटी के बदले 30 से 40 हजार रुपये देने का लालच देकर ठगता था।
ठगी के रुपयों से बेटे कर रहे मेडिकल की पढ़ाई
पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही टिकट लेने गया साथी भागा
- फोटो : twitter
इसके साथ ही वह शिक्षकों को उनके स्कूल के लिए अनुदान दिलाने और व्यापारियों को उनके सामान बिकवाने का झांसा देकर ठगता था। विजय ने बताया कि उसने डॉ. राधेश्याम चौहान से साढ़े चार लाख और फूलपुर के अध्यापक दिलीप कुमार से डेढ़ लाख रुपये ठगे थे।
बड़ागांव के रिंकू चौरसिया को 250 साइकिल दिलाने का झांसा दिया था। इसी तरह से जौनपुर और कुछेक अन्य जिलों के लोगों से उसने लाखों की ठगी की है।
पुलिस की पूछताछ में विजय ने बताया कि वह 12वीं पास है। मगर, ठगी से कमाए रुपये से अपने एक बेटे को रूस में और दूसरे को नोएडा में एमबीबीएस की पढ़ाई करा रहा है।
बड़ागांव के रिंकू चौरसिया को 250 साइकिल दिलाने का झांसा दिया था। इसी तरह से जौनपुर और कुछेक अन्य जिलों के लोगों से उसने लाखों की ठगी की है।
पुलिस की पूछताछ में विजय ने बताया कि वह 12वीं पास है। मगर, ठगी से कमाए रुपये से अपने एक बेटे को रूस में और दूसरे को नोएडा में एमबीबीएस की पढ़ाई करा रहा है।