{"_id":"5bf4274abdec22694f46212b","slug":"varanasi-police-arrested-d-5-gang-member-who-famous-for-extortion","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"डी-5 गैंग के सदस्य को वाराणसी पुलिस ने दबोचा, रंगदारी वसूलने और बम बनाने के लिए है कुख्यात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डी-5 गैंग के सदस्य को वाराणसी पुलिस ने दबोचा, रंगदारी वसूलने और बम बनाने के लिए है कुख्यात
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 21 Nov 2018 10:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर जेल में निरुद्ध बदमाश संतोष शुक्ला की डी-5 गैंग के सदस्य और उसके बड़े भाई वाराणसी के विजयीपुरा कोनिया निवासी हिस्ट्रीशीटर मनोज शुक्ला को मंगलवार को जेल भेज दिया गया। संतोष के गिरोह के लिए रंगदारी वसूलने और बम बनाने के लिए कुख्यात मनोज के पास से पुलिस ने .32 बोर की देसी पिस्टल, कारतूस, बाइक और मोबाइल बरामद किया गया है। मनोज पर वाराणसी और प्रयागराज जिले में विभिन्न आपराधिक आरोपों में 34 मुकदमे दर्ज हैं।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि जिले के सभी थानेदारों को टॉप 10 अपराधियों की धरपकड़ का टास्क दिया गया है। इसी क्रम में सोमवार की रात आदिकेशव घाट पर इंस्पेक्टर आदमपुर राजीव सिंह, एसआई देवीशरण यादव व रविकांत चौहान और कांस्टेबल जितेंद्र नाथ सिंह व मुख्तार खां के साथ चेकिंग कर रहे थे।
वरुणा पुल की ओर से बाइक से आ रहे मनोज को इंस्पेक्टर आदमपुर ने रुकने का इशारा किया तो उसने फायरिंग की लेकिन जवाबी कार्रवाई में पकड़ा गया। एसएसपी ने बताया कि मनोज की गिरफ्तारी पर इंस्पेक्टर आदमपुर और उनकी टीम को 10 हजार रुपये का इनाम दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि जिले के सभी थानेदारों को टॉप 10 अपराधियों की धरपकड़ का टास्क दिया गया है। इसी क्रम में सोमवार की रात आदिकेशव घाट पर इंस्पेक्टर आदमपुर राजीव सिंह, एसआई देवीशरण यादव व रविकांत चौहान और कांस्टेबल जितेंद्र नाथ सिंह व मुख्तार खां के साथ चेकिंग कर रहे थे।
विज्ञापन
वरुणा पुल की ओर से बाइक से आ रहे मनोज को इंस्पेक्टर आदमपुर ने रुकने का इशारा किया तो उसने फायरिंग की लेकिन जवाबी कार्रवाई में पकड़ा गया। एसएसपी ने बताया कि मनोज की गिरफ्तारी पर इंस्पेक्टर आदमपुर और उनकी टीम को 10 हजार रुपये का इनाम दिया गया है।
विज्ञापन
तिहरे हत्याकांड के बाद भाग गया था मुंबई
पूछताछ में मनोज ने बताया कि जून 2016 में प्रयागराज जिले की नैनी सेंट्रल जेल के सामने तीन लोगों की हत्या की गई थी और पांच लोग घायल हुए थे। इस वारदात के आरोपी मुन्नू तिवारी को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था और मनोज का नाम प्रकाश में आने पर वो मुंबई भाग गया था। बताया कि संतोष बनारस और आसपास के जिलों के व्यापारियोें से रंगदारी मांगता था तो वो पैसे लेकर उसे सहारनपुर जेल पहुुंचाता था।