{"_id":"595546fd4f1c1b91578b475b","slug":"varanasi-paramedical-college-cheating-case-registered","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी पैरामेडिकल कॉलेज पर धोखाधड़ी का केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी पैरामेडिकल कॉलेज पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 29 Jun 2017 11:59 PM IST
विज्ञापन
थाने में वाराणसी पैरामेडिकल कॉलेज के छात्र
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी के मंडुआडीह थानांतर्गत चांदपुर स्थित वाराणसी पैरामेडिकल कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ छात्रों ने गुरुवार को धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। छात्रों का आरोप है कि प्रवेश और परीक्षा की पूरी फीस जमा करने के बाद भी कॉलेज प्रबंधन ने अब तक परीक्षा नहीं कराई।
यहीं नहीं, कॉलेज की संबद्धता भी संदेहास्पद है। कभी पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी तो कभी नालंदा और कभी अंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्धता की बात कही जाती है। छात्रों ने इसकी भी जांच कराने की मांग की है।
कॉलेज में पैरामेडिकल के छात्र सोनभद्र निवासी विनय कुमार आदि ने तहरीर में बताया है कि नि:शुल्क पैरामेडिकल कोर्स के नाम पर प्रति छात्र आठ-आठ हजार रुपये लिए गए। 15 जून 2015 को प्रवेश होने के बाद अब तक एक भी परीक्षा नहीं कराई गई।
विज्ञापन
यही नहीं, परीक्षा और पंजीकरण शुल्क भी जमा करा लिया गया। छात्रों का आरोप है कि जब प्रबंधन से इस बारे में पूछने की कोशिश करते हैं तो मारपीट कर कॉलेज से निकाल देने की धमकी भी दी जाती है। बताया कि लेट फीस के नाम पर दोगुनी लेट फीस भी वसूली जाती है।
यह भी आरोप लगाया कि 10 हजार रुपये फीस लेकर रसीद केवल आठ हजार की ही दी जाती है। दो साल में अब तक कुल 24 हजार रुपये जमा कराए जा चुके हैं। उधर, धोखाधड़ी का केस दर्ज होने के बाद से कॉलेज प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है।
विज्ञापन
यहीं नहीं, कॉलेज की संबद्धता भी संदेहास्पद है। कभी पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी तो कभी नालंदा और कभी अंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्धता की बात कही जाती है। छात्रों ने इसकी भी जांच कराने की मांग की है।
विज्ञापन
कॉलेज में पैरामेडिकल के छात्र सोनभद्र निवासी विनय कुमार आदि ने तहरीर में बताया है कि नि:शुल्क पैरामेडिकल कोर्स के नाम पर प्रति छात्र आठ-आठ हजार रुपये लिए गए। 15 जून 2015 को प्रवेश होने के बाद अब तक एक भी परीक्षा नहीं कराई गई।
विज्ञापन
यही नहीं, परीक्षा और पंजीकरण शुल्क भी जमा करा लिया गया। छात्रों का आरोप है कि जब प्रबंधन से इस बारे में पूछने की कोशिश करते हैं तो मारपीट कर कॉलेज से निकाल देने की धमकी भी दी जाती है। बताया कि लेट फीस के नाम पर दोगुनी लेट फीस भी वसूली जाती है।
यह भी आरोप लगाया कि 10 हजार रुपये फीस लेकर रसीद केवल आठ हजार की ही दी जाती है। दो साल में अब तक कुल 24 हजार रुपये जमा कराए जा चुके हैं। उधर, धोखाधड़ी का केस दर्ज होने के बाद से कॉलेज प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है।