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Varanasi News: 40 मिनट में 108 बार महामृत्युंजय मंत्र के जाप के प्रभाव पर होगा शोध, स्वास्थ्य को मिलेगी मदद
Sun, 13 Jul 2025 03:00 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Sun, 13 Jul 2025 03:00 PM IST
सार
बुजुर्गों में होने वाली बीमारियों को लेकर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में अध्ययन किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य पारंपरिक भारतीय आध्यात्मिक उपायों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से परख वृद्धजन की मानसिक और भावनात्मक स्थिति में सुधार लाना है।
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महामृत्युंजय मंत्र से होंगे रोगों के उपचार।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Varanasi News: वृद्धावस्था में होने वाली बीमारियों से निजात दिलाने में महामृत्युंजय मंत्र का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए वृद्धाश्रम में रहने वाले 60 साल से 90 साल तक तक के बुजुर्गों को 40 मिनट में 108 बार महामृत्युंजय का जाप करवाया जाएगा। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में मनोविज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रतिभा इस पर एक साल तक अध्ययन करेंगी। साथ ही सेहत की जांच भी करवाई जाएगी, इसमें स्वास्थ्य विभाग की मदद ली जाएगी।
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डॉ. प्रतिभा का कहना है कि उन्होंने वृद्धजनों की पुरानी बीमारियों पर महामृत्युंजय मंत्र के प्रभाव का अध्ययन करने का निर्णय लिया है। इसमें वृद्धाश्रम में रहने वाले 100 बुजुर्गों को तीन चरण में बांटा जाएगा।
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इसमें पहले चरण में 60-70 साल, दूसरे में 70-80 और तीसरे चरण में 80-90 साल वाले लोगों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए एक टीम बनाई जाएगी, जो बुजुर्गों के बीच जाकर उनको जाप करवाएगी और इसकी रिपोर्ट तैयार होगी। इसके अलावा बुजुर्गों में तनाव, अवसाद की जांच भी स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया जाएगा।
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डाॅ. प्रतिभा का कहना है कि एक साल के अध्ययन के दौरान जाप करने से पहले और उसके बाद की स्थिति का मूल्यांकन भी किया जाएगा। सकारात्मक परिणाम आने के बाद उसकी रिपोर्ट को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) को सौंपा जाएगा। आने वाले दिनों में एक सेंटर भी खोलने का संकल्प लिया गया है।