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मशीनों पर निर्भरता से नष्ट हो रही रोजगार की संभावना
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वाराणसी। वसंत महिला महाविद्यालय राजघाट में आयोजित वेबिनार के समापन समारोह में वक्ताओं ने कोरोना काल की चुनौतियां पर अपने विचार रखे। बीएचयू पत्रकारिता विभाग के प्रो. अनुराग दवे ने कहा कि सभी क्षेत्रों में स्वचालित मशीनों पर निर्भरता रोजगार की संभावनाओं को नष्ट करते जा रहे हैं। ऐसे में यूनिवर्सल बेसिक इनकम की जरूरत समय की मांग है।
न्यूजीलैंड के लोकतांत्रिक स्वरूप की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे महामारी पर काबू पाया जा सकता है। तंजानिया से पूर्व एम्बेसडर डॉ. वीरेंद्र गुप्ता ने कोरोना संकट को एक अवसर का रूप बताया। जिससे आत्मनिर्भर की अवधारणा को बल मिलेगा। अमेरिका से पोस्ट डॉक्टोरल साइंटिस्ट डॉ. प्रकाश कुमार झा ने कहा कि कृषि को सरकार से ज्यादा प्राइवेट सेक्टर की जरूरत है। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रो. गोपालगंज ठाकुर ने पेनडेमिक एंड इकोलॉजी एजूकेशन पर अपना विचार रखा।
गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. हेमंत गुप्ता ने हेल्थ एंड हाइजीन के बारे में लोगों को विस्तार से बताया। संयोजिका डॉ. वंदना झा ने बताया कि दो दिन के वेबिनार में 50 से अधिक शोधपत्र भी पढ़े गए। अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अलका सिंह, धन्यवाद ज्ञापन संयोजिका डॉ. वंदना झा ने किया। इस दौरान डॉ. मिनाक्षी बिस्वाल, डॉ. आशा पांडेय, ईशान त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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न्यूजीलैंड के लोकतांत्रिक स्वरूप की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे महामारी पर काबू पाया जा सकता है। तंजानिया से पूर्व एम्बेसडर डॉ. वीरेंद्र गुप्ता ने कोरोना संकट को एक अवसर का रूप बताया। जिससे आत्मनिर्भर की अवधारणा को बल मिलेगा। अमेरिका से पोस्ट डॉक्टोरल साइंटिस्ट डॉ. प्रकाश कुमार झा ने कहा कि कृषि को सरकार से ज्यादा प्राइवेट सेक्टर की जरूरत है। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रो. गोपालगंज ठाकुर ने पेनडेमिक एंड इकोलॉजी एजूकेशन पर अपना विचार रखा।
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गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. हेमंत गुप्ता ने हेल्थ एंड हाइजीन के बारे में लोगों को विस्तार से बताया। संयोजिका डॉ. वंदना झा ने बताया कि दो दिन के वेबिनार में 50 से अधिक शोधपत्र भी पढ़े गए। अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अलका सिंह, धन्यवाद ज्ञापन संयोजिका डॉ. वंदना झा ने किया। इस दौरान डॉ. मिनाक्षी बिस्वाल, डॉ. आशा पांडेय, ईशान त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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